अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- वैल (وَيْلٌ): विनाश, हानि और कठोर यातना।
- यौमइज़िन (يَوْمَئِذٍ): उस दिन (यानी क़ियामत के दिन)।
- लिल्मुकज़्ज़िबीन (لِلْمُكَذِّبِينَ): झुठलाने वालों के लिए।
तफ़सीर:
इस आयत में अल्लाह तआला उन लोगों के लिए विनाश और कठोर यातना की धमकी दे रहे हैं जो उसकी क़ुदरत (शक्ति) को झुठलाते हैं। यह चेतावनी उन लोगों के लिए है जो अल्लाह की ताक़त, उसके फ़ैसले और क़ियामत के दिन को नहीं मानते। उस दिन जब सब कुछ सामने आ जाएगा, तो झुठलाने वालों को अपनी ग़लती का अहसास होगा, लेकिन तब पछतावा किसी काम नहीं आएगा।
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि अल्लाह की क़ुदरत के सामने हम कितने छोटे हैं। जो लोग उसकी शक्ति को नहीं मानते, वही लोग उस दिन सबसे ज़्यादा नुक़सान में होंगे। लेकिन जो लोग अल्लाह पर ईमान रखते हैं और उसकी क़ुदरत को पहचानते हैं, उनके लिए उस दिन ख़ुशी और कामयाबी है।
इस आयत से हमें सीख लेनी चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों और उसकी क़ुदरत को कभी न भूलें। हर सुबह और शाम उसका शुक्र अदा करें और उसके दीन पर चलें। क़ियामत का दिन ज़रूर आएगा, और उस दिन सिर्फ़ ईमान वाले ही कामयाब होंगे। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उसकी क़ुदरत को मानते हैं और उसके अज़ाब से डरते हैं। आमीन।
📜 आयत 22-26 — अल-मुरसलात
अनुवाद — अल-मुरसलात 24
सूरा अल-मुरसलात आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन दिन झुठलाने वालों की ख़राबी हैसूरा आयत 24/50 — अल-मुरसलात المرسلات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मुरसलात सुनें, अल-मुरसलात अनुवाद, अल-मुरसलात mp3, अल-मुरसलात pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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