अल-मुरसलात · 25/50
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-मुरसलात
أَلَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ كِفَاتًا ۝٢٥
Alam naj`alil arda kifaataa
📖 हिंदी अर्थ
क्या हमने ज़मीन को ज़िन्दों और मुर्दों को समेटने वाली नहीं बनाया

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📜 आयत 23-27 — सूरा अल-मुरसलात

23فَقَدَرْنَا فَنِعْمَ الْقَادِرُونَ
फिर (उसका) एक अन्दाज़ा मुक़र्रर किया तो हम कैसा अच्छा अन्दाज़ा मुक़र्रर करने वाले हैं
24وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ
उन दिन झुठलाने वालों की ख़राबी है
25أَلَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ كِفَاتًا
क्या हमने ज़मीन को ज़िन्दों और मुर्दों को समेटने वाली नहीं बनाया
26أَحْيَاءً وَأَمْوَاتًا
और उसमें ऊँचे ऊँचे अटल पहाड़ रख दिए
27وَجَعَلْنَا فِيهَا رَوَاسِيَ شَامِخَاتٍ وَأَسْقَيْنَاكُم مَّاءً فُرَاتًا
और तुम लोगों को मीठा पानी पिलाया
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अनुवाद — अल-मुरसलात 25

सूरा अल-मुरसलात आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या हमने ज़मीन को ज़िन्दों और मुर्दों को समेटने वाली…

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Monday, September 21, 2026

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