Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَٰلِكَ الْيَوْمُ الْحَقُّ — वह दिन सत्य है, अर्थात् वह दिन निश्चित रूप से आने वाला है, इसमें कोई संदेह नहीं।
- مَآبًا — लौटने की जगह, पनाह, सहारा, यानी अल्लाह की ओर लौटने और उसकी राह पर चलने का मार्ग।
विस्तृत तफ़सीर:
यह वह दिन है जिसके बारे में अल्लाह तआला ने बताया है — वह दिन जो सत्य है, जिसके आने में कोई शक नहीं। यह क़यामत का दिन है, जब हर इंसान को उसके अमलों का हिसाब दिया जाएगा। यह दिन इतना भयानक होगा कि जिब्रील अलैहिस्सलाम और सारे फ़रिश्ते कतारों में खड़े होंगे, और कोई उस दिन शफ़ाअत नहीं कर सकेगा, सिवाय उसके जिसे रहमान ने इजाज़त दी हो। वह दिन ऐसा है जिसमें कोई संदेह नहीं, और हर आत्मा को उसके किए का बदला मिलेगा — अच्छा हो या बुरा।
इसलिए, अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को नसीहत करता है: "जो चाहे, वह अपने रब की ओर लौटने का रास्ता अपना ले।" यानी जो इंसान उस दिन की भयावहता से बचना चाहता है, उसे चाहिए कि वह अभी से नेक अमल करे, अल्लाह की इबादत करे, उसकी राह पर चले, और अपने गुनाहों से तौबा करके उसकी ओर रुजू करे। यही वह "मआब" है — यानी अल्लाह की ओर लौटने का रास्ता, जो ईमान और नेक अमल से हासिल होता है।
यह आयत बड़ी प्यारी और उम्मीद भरी है — अल्लाह तआला ने यह नहीं कहा कि "जिसे मैं चाहूँगा उसे बचा लूँगा", बल्कि फ़रमाया: "जो चाहे, वह अपने रब की ओर लौटने का रास्ता अपना ले।" यानी अल्लाह ने हर इंसान को यह मौका दिया है कि वह अपनी मर्ज़ी से नेकी की राह चुने, अपने रब की तरफ लौटे, और उस दिन की परेशानियों से बच जाए। यह अल्लाह की बहुत बड़ी रहमत है कि उसने हमें मौका दिया है — अभी हम ज़िंदा हैं, अभी हमारे पास वक़्त है, अभी हम तौबा कर सकते हैं, अभी हम नेक अमल कर सकते हैं।
तो प्यारे भाईयों और बहनों! यही वक़्त है — आज ही अपने रब की ओर लौट जाएँ, अपने गुनाहों से तौबा करें, नमाज़ क़ायम करें, रोज़ा रखें, ज़कात दें, और अल्लाह की राह में भलाई के काम करें। क्योंकि जब वह दिन आ जाएगा, तो फिर लौटने का कोई मौका नहीं होगा। आज हम चुन सकते हैं — आज हमारे हाथ में है कि हम अपने रब की ओर लौटने का रास्ता अपनाएँ और उस दिन की भयावहता से बच जाएँ। अल्लाह तआला हम सबको यह तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 37-40 — सूरा अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 39
सूरा अन-नबा आयत 39 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह दिन बरहक़ है तो जो शख़्श चाहे अपने परवरदिगार…सूरा आयत 39/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 37–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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