अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- كَلَّا: हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है — यह इन्कार और झिड़की के लिए आया है।
- سَيَعْلَمُونَ: वे शीघ्र ही जान लेंगे — यानी उन्हें अपने किए का अंजाम मालूम हो जाएगा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुशरिकों के उस दावे का जवाब है, जो क़ुरआन और क़ियामत के दिन को झुठलाते थे और मज़ाक़ उड़ाते थे। अल्लाह तआला फ़रमाता है: हरगिज़ नहीं! यह बात बिल्कुल वैसी नहीं है जैसा ये लोग सोचते हैं। ये जो कुछ कह रहे हैं, यह सरासर झूठ और बातिल है। इन्हें जल्द ही — जब मौत का फ़रिश्ता आएगा, जब क़ब्र में उतारे जाएँगे, और जब क़ियामत के दिन हिसाब के लिए खड़े किए जाएँगे — अपने इस इन्कार का नतीजा ख़ुद देख लेंगे।
यह एक सख़्त तहदीद (चेतावनी) और वायदा-ए-इलाही है कि जिस दिन सच्चाई खुलकर सामने आएगी, उस दिन उनकी आँखों से पर्दा हट जाएगा और वे जान लेंगे कि जो कुछ मुहम्मद ﷺ लाए थे, वही सच्चा था — क़ुरआन सच्चा था, मौत के बाद जी उठना सच्चा था, और अल्लाह का वादा सच्चा था। लेकिन उस वक़्त जानने का कोई फ़ायदा नहीं होगा, क्योंकि ईमान लाने का वक़्त गुज़र चुका होगा।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयो! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम उस दिन से पहले ही अपनी आँखें खोल लें। अल्लाह ने हमें अक़्ल दी है, क़ुरआन दिया है, और रसूल ﷺ का पैग़ाम दिया है — ताकि हम आज ही सच्चाई को पहचान लें और उस पर चलें। जो लोग आज क़ुरआन को छोड़ देते हैं, उस पर अमल नहीं करते, और क़ियामत के दिन को भूल जाते हैं, उनके लिए यह आयत एक खतरे की घंटी है। लेकिन जो लोग आज ही अपने रब की तरफ़ लौट आएँ, तौबा कर लें, और क़ुरआन को अपना रहनुमा बना लें — उनके लिए खुशखबरी है कि अल्लाह बड़ा माफ़ करने वाला और रहम करने वाला है। आओ, हम उस दिन से पहले ही उसे जान लें, जिस दिन का इल्म हमें आज दिया गया है — ताकि कल क़ियामत के दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत के मेहमान बनें।
📜 आयत 2-6 — अन-नबा
अनुवाद — अन-नबा 4
सूरा अन-नबा आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : देखो उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगासूरा आयत 4/40 — अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नबा सुनें, अन-नबा अनुवाद, अन-नबा mp3, अन-नबा pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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