अन-नबा · 5/40
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नबा
ثُمَّ كَلَّا سَيَعْلَمُونَ ۝٥
Thumma kallaa sa y`alamoon
📖 हिंदी अर्थ
फिर इन्हें अनक़रीब ही ज़रूर मालूम हो जाएगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • ثُمَّ - फिर, इसके बाद
  • كَلَّا - हरगिज़ नहीं, ऐसा नहीं है (यहाँ यह ज़बरदस्त डाँट और धमकी के लिए है)
  • سَيَعْلَمُونَ - वे जल्द ही जान लेंगे (अपने किए का अंजाम)

तफ़सीर:

यह आयत पिछली आयत की पुष्टि और सख़्त चेतावनी के रूप में आई है। अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि ये मुशरिकीन जो क़ुरआन और क़ियामत के दिन को झुठलाते हैं, वे जो कुछ कह रहे हैं वह हरगिज़ सही नहीं है। वे जल्द ही अपनी ग़लती को महसूस करेंगे और अपने किए की सज़ा भुगतेंगे।

यहाँ "ثُمَّ" (फिर) का ज़िक्र इसलिए किया गया है कि यह दूसरी बार की धमकी है—पहले भी उन्हें बताया गया कि वे जान लेंगे, और अब फिर दोहराया गया कि वे ज़रूर जान लेंगे। यह दोहराव उनके लिए और अधिक सख़्त चेतावनी है, ताकि वे अपनी ग़लतफ़हमी से बाज़ आएँ।

इस आयत में अल्लाह तआला ने उन्हें बताया कि जिस दिन वे मरकर उठेंगे और अपने सामने वह सब कुछ पाएँगे जो उन्होंने दुनिया में किया था, उस दिन उन्हें सब कुछ साफ़-साफ़ मालूम हो जाएगा कि जो कुछ मुहम्मद ﷺ लाए थे वह सच्चा था, और जो वे खुद कह रहे थे वह झूठ और धोखा था।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर कितना बड़ा एहसान किया है कि उन्होंने हमें दुनिया में ही सच्चाई बता दी, ताकि हम आख़िरत में पछतावे से बच जाएँ। अल्लाह की रहमत यह है कि वह हमें मौका देता है, हिदायत देता है, और फिर भी अगर हम न मानें तो उसका अंजाम बहुत भयानक होगा।

प्यारे भाइयों और बहनों! आज हमारे पास वह ज्ञान है जो हमें क़ुरआन और सुन्नत से मिलता है। हमें इस नेमत की क़द्र करनी चाहिए और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की बताई हुई राह पर चलाना चाहिए। यह मौका हमेशा नहीं रहेगा—आज हम सच्चाई जानकर भी उसे न मानें, तो कल पछताने के सिवा हमारे पास कुछ नहीं होगा। अल्लाह तआला हम सबको सच्चाई समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 3-7 — सूरा अन-नबा

3الَّذِي هُمْ فِيهِ مُخْتَلِفُونَ
जिसमें लोग एख्तेलाफ कर रहे हैं
4كَلَّا سَيَعْلَمُونَ
देखो उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
5ثُمَّ كَلَّا سَيَعْلَمُونَ
फिर इन्हें अनक़रीब ही ज़रूर मालूम हो जाएगा
6أَلَمْ نَجْعَلِ الْأَرْضَ مِهَادًا
क्या हमने ज़मीन को बिछौना
7وَالْجِبَالَ أَوْتَادًا
और पहाड़ों को (ज़मीन) की मेख़े नहीं बनाया
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5आयत

अनुवाद — अन-नबा 5

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सूरा आयत 5/40 — सूरा अन-नबा النبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नबा सुनें, सूरा अन-नबा अनुवाद, सूरा अन-नबा mp3, सूरा अन-नबा pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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