अन-नाज़ियात · 18/46
अनुवाद उच्चारण — सूरा अन-नाज़ियात
فَقُلْ هَل لَّكَ إِلَىٰ أَن تَزَكَّىٰ ۝١٨
Faqul hal laka ilaa-an tazakka
📖 हिंदी अर्थ
(और उससे) कहो कि क्या तेरी ख्वाहिश है कि (कुफ्र से) पाक हो जाए

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَزَكَّى: पवित्र होना, अपने आप को कमियों और बुराइयों से साफ़ करना, और अच्छाइयों और गुणों को अपनाना।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने अपने नबी मूसा (अलैहिस्सलाम) को हुक्म दिया कि वे फ़िरऔन के पास जाएँ, जो सरकशी और नाफ़रमानी में हद से गुज़र चुका था। उनसे कहें: "ऐ फ़िरऔन! क्या तू चाहता है कि तू अपने आप को कु़फ़्र, शिर्क और गुनाहों की गंदगी से पाक कर ले? क्या तेरा दिल इस बात के लिए तैयार है कि तू अपनी रूह को ईमान की रोशनी से मुनव्वर करे और अपने अंदर अच्छाइयों को जगह दे?"

यह दावत बड़ी नर्मी और मुहब्बत के अंदाज़ में दी गई, ताकि फ़िरऔन जैसा ज़ालिम भी अल्लाह की रहमत की तरफ़ रुजू कर सके। यह पूछने का अंदाज़ बताता है कि इस्लाम की दावत में नरमी, हिकमत और अच्छे अख़लाक़ कितने ज़रूरी हैं। अल्लाह तआला किसी को भी मजबूर नहीं करता, बल्कि वह बंदे की भलाई चाहता है और उसे अपनी रहमत की तरफ़ बुलाता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमें भी लोगों को अच्छे तरीक़े से, मुहब्बत और नर्मी के साथ अल्लाह की तरफ़ बुलाना चाहिए। हमें कभी किसी को बुरा नहीं समझना चाहिए, चाहे वह कितना ही गुनाहगार क्यों न हो, क्योंकि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हर किसी के लिए खुला है। जो शख्स भी अपने गुनाहों से तौबा करके अल्लाह की तरफ़ लौटता है, अल्लाह उसे पाक कर देता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत डालता है।

याद रखिए, तज़किया (पवित्रता) ही असली कामयाबी है। जो शख्स अपने दिल को ईमान से और अपने अमल को नेकियों से सजा लेता है, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होता है। अल्लाह तआला हम सबको यह तौफ़ीक़ दे कि हम अपनी ज़िंदगी को पाक और साफ़ रखें और अपने रब की इबादत में मशगूल रहें। आमीन।



📜 आयत 16-20 — सूरा अन-नाज़ियात

16إِذْ نَادَاهُ رَبُّهُ بِالْوَادِ الْمُقَدَّسِ طُوًى
जब उनको परवरदिगार ने तूवा के मैदान में पुकारा
17اذْهَبْ إِلَىٰ فِرْعَوْنَ إِنَّهُ طَغَىٰ
कि फिरऔन के पास जाओ वह सरकश हो गया है
18فَقُلْ هَل لَّكَ إِلَىٰ أَن تَزَكَّىٰ
(और उससे) कहो कि क्या तेरी ख्वाहिश है कि (कुफ्र से) पाक हो जाए
19وَأَهْدِيَكَ إِلَىٰ رَبِّكَ فَتَخْشَىٰ
और मैं तुझे तेरे परवरदिगार की राह बता दूँ तो तुझको ख़ौफ (पैदा) हो
20فَأَرَاهُ الْآيَةَ الْكُبْرَىٰ
ग़रज़ मूसा ने उसे (असा का बड़ा) मौजिज़ा दिखाया
अन-नाज़ियातकुरान सूची
46आयत
मक्कीअवतरण स्थान
18आयत

अनुवाद — अन-नाज़ियात 18

सूरा अन-नाज़ियात आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और उससे) कहो कि क्या तेरी ख्वाहिश है कि (कुफ्र…

सूरा आयत 18/46 — सूरा अन-नाज़ियात النازعات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अन-नाज़ियात सुनें, सूरा अन-नाज़ियात अनुवाद, सूरा अन-नाज़ियात mp3, सूरा अन-नाज़ियात pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए