अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَصَاحِبَتِهِ: और उसकी पत्नी (जीवन साथी)
- وَبَنِيهِ: और उसके बेटे (संतान)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक दिन (क़ियामत) के हालात का वर्णन कर रही है, जब इंसान अपने सबसे करीबी रिश्तेदारों से भी भागेगा। आयत में बताया गया है कि उस दिन इंसान अपनी पत्नी और अपने बेटों से भी दूर भागेगा।
इसका कारण यह है कि उस दिन हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में इतना डूबा होगा कि उसे अपने सबसे प्यारे और करीबी लोगों की भी परवाह नहीं रहेगी। वह जानता होगा कि उस दिन न तो पत्नी उसके काम आ सकती है और न ही बेटे। हर कोई अपने ही अमल (कर्मों) के सामने खड़ा होगा और उसे अपनी ही नजात (मुक्ति) की चिंता होगी।
यह आयत हमें बताती है कि दुनिया के ये रिश्ते और मोहब्बतें केवल इसी दुनिया के लिए हैं। क़ियामत के दिन कोई रिश्ता किसी के काम नहीं आएगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रिश्तों के साथ अच्छा व्यवहार करें, लेकिन सबसे बढ़कर अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा (खुशी) को अपनी ज़िंदगी का मक़सद बनाएं।
याद रखें, जिस दिन हमें अपने सबसे प्यारे लोगों से भी मुँह मोड़ना पड़ेगा, उस दिन सिर्फ़ हमारे अच्छे कर्म ही हमारे साथी होंगे। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की राह में लगाएं, ताकि उस कठिन दिन हम शर्मिंदा न हों और अल्लाह की रहमत से नवाज़े जाएं। यही कामयाबी है, और यही सच्ची भलाई है।
📜 आयत 34-38 — अबस
अनुवाद — अबस 36
सूरा अबस आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने लड़के बालों से भागेगासूरा आयत 36/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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