अबस · 37/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
لِكُلِّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ ۝٣٧
Likul limri-im-minuhm yaumaa-izin shaa nuy-yughneeh
📖 हिंदी अर्थ
उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لِكُلِّ امْرِئٍ – हर व्यक्ति के लिए
  • شَأْنٌ – मामला, हालत, चिंता
  • يُغْنِيهِ – उसे व्यस्त कर देगा, उसे दूसरों से बेपरवाह कर देगा

तफ़सीर (व्याख्या):

उस दिन हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में डूबा होगा। क़यामत का दिन इतना भयावह और सख्त होगा कि हर शख्स सिर्फ अपने ही हाल में मशगूल होगा। कोई किसी और की तरफ ध्यान नहीं दे पाएगा, चाहे वह उसका भाई हो, माँ-बाप हों, बीवी हो या बच्चे। हर एक को अपनी ही नजात (मुक्ति) की चिंता होगी।

यहाँ तक कि जो लोग दुनिया में एक-दूसरे से बेहद मुहब्बत रखते थे, वे भी उस दिन एक-दूसरे से दूर भागेंगे। हर शख्स की अपनी एक अलग हालत होगी जो उसे पूरी तरह से व्यस्त कर देगी। कोई अपने अच्छे या बुरे आमाल (कर्मों) की फिक्र में होगा, कोई अपने हिसाब के डर में, कोई अपने अंजाम के इंतज़ार में। यहाँ तक कि माँ अपने दूध पीते बच्चे को भूल जाएगी, और पिता अपनी औलाद को भूल जाएगा।

यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज हम जिस दुनिया में हैं, यहाँ हम एक-दूसरे के काम आ सकते हैं, एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। लेकिन उस दिन हर इंसान अपने ही आमाल का सामना करेगा। इसलिए अक्लमंदी यही है कि हम आज की ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई किसी के काम नहीं आएगा।

याद रखिए! यह दिन हर उस इंसान के लिए आएगा जो आज ज़िंदा है। अल्लाह तआला ने हमें यह खबर इसलिए दी है ताकि हम उस दिन की तैयारी करें। जो आज अपने रब की राह में चलेगा, उस दिन उसका शान (हाल) अच्छा होगा। और जो आज गाफिल (लापरवाह) है, उस दिन उसे पछताना पड़ेगा। अल्लाह हम सबको उस दिन की सख्ती से बचाए और हमें अच्छे आमाल की तौफीक दे। आमीन।



📜 आयत 35-39 — सूरा अबस

35وَأُمِّهِ وَأَبِيهِ
और अपनी माँ और अपने बाप
36وَصَاحِبَتِهِ وَبَنِيهِ
और अपने लड़के बालों से भागेगा
37لِكُلِّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ
उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों
38وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ مُّسْفِرَةٌ
बहुत से चेहरे तो उस दिन चमकते होंगे
39ضَاحِكَةٌ مُّسْتَبْشِرَةٌ
ख़न्दाँ शांदाँ (यही नेको कार हैं)
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
37आयत

अनुवाद — अबस 37

सूरा अबस आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में…

सूरा आयत 37/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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