अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لِكُلِّ امْرِئٍ – हर व्यक्ति के लिए
- شَأْنٌ – मामला, हालत, चिंता
- يُغْنِيهِ – उसे व्यस्त कर देगा, उसे दूसरों से बेपरवाह कर देगा
तफ़सीर (व्याख्या):
उस दिन हर इंसान अपनी ही फ़िक्र में डूबा होगा। क़यामत का दिन इतना भयावह और सख्त होगा कि हर शख्स सिर्फ अपने ही हाल में मशगूल होगा। कोई किसी और की तरफ ध्यान नहीं दे पाएगा, चाहे वह उसका भाई हो, माँ-बाप हों, बीवी हो या बच्चे। हर एक को अपनी ही नजात (मुक्ति) की चिंता होगी।
यहाँ तक कि जो लोग दुनिया में एक-दूसरे से बेहद मुहब्बत रखते थे, वे भी उस दिन एक-दूसरे से दूर भागेंगे। हर शख्स की अपनी एक अलग हालत होगी जो उसे पूरी तरह से व्यस्त कर देगी। कोई अपने अच्छे या बुरे आमाल (कर्मों) की फिक्र में होगा, कोई अपने हिसाब के डर में, कोई अपने अंजाम के इंतज़ार में। यहाँ तक कि माँ अपने दूध पीते बच्चे को भूल जाएगी, और पिता अपनी औलाद को भूल जाएगा।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज हम जिस दुनिया में हैं, यहाँ हम एक-दूसरे के काम आ सकते हैं, एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं। लेकिन उस दिन हर इंसान अपने ही आमाल का सामना करेगा। इसलिए अक्लमंदी यही है कि हम आज की ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर अमल करें, और उस दिन के लिए तैयारी करें जब कोई किसी के काम नहीं आएगा।
याद रखिए! यह दिन हर उस इंसान के लिए आएगा जो आज ज़िंदा है। अल्लाह तआला ने हमें यह खबर इसलिए दी है ताकि हम उस दिन की तैयारी करें। जो आज अपने रब की राह में चलेगा, उस दिन उसका शान (हाल) अच्छा होगा। और जो आज गाफिल (लापरवाह) है, उस दिन उसे पछताना पड़ेगा। अल्लाह हम सबको उस दिन की सख्ती से बचाए और हमें अच्छे आमाल की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 35-39 — अबस
अनुवाद — अबस 37
सूरा अबस आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में…सूरा आयत 37/42 — अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अबस सुनें, अबस अनुवाद, अबस mp3, अबस pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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