अबस · 35/42
अनुवाद उच्चारण — सूरा अबस
وَأُمِّهِ وَأَبِيهِ ۝٣٥
Wa ummihee wa abeeh
📖 हिंदी अर्थ
और अपनी माँ और अपने बाप

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَأُمِّهِ: और उसकी माँ से
  • وَأَبِيهِ: और उसके पिता से

व्याख्या:

इस आयत में अल्लाह तआला क़यामत के दिन के उस भयानक दृश्य का वर्णन कर रहे हैं जब इंसान अपने सबसे क़रीबी रिश्तेदारों से भी भागेगा। पिछली आयत में बताया गया कि इंसान अपने भाई से भागेगा, और अब इस आयत में बताया जा रहा है कि वह अपनी माँ और अपने पिता से भी भागेगा।

क़यामत का दिन इतना भयानक और सख्त होगा कि इंसान को अपनी माँ-बाप की परवाह न रहेगी, जो दुनिया में उसके लिए सबसे ज़्यादा मेहरबान और प्यार करने वाले होते हैं। माँ जो अपनी गोद में पालती है, अपना दूध पिलाती है, अपनी नींदें हराम करती है, और बाप जो अपनी कमाई से उसे पालता-पोसता है, उनसे भी इंसान उस दिन भागेगा। यह उस दिन की हौलनाकी का सबसे बड़ा सबूत है।

यहाँ अल्लाह तआला हमें यह सबक़ सिखाना चाहते हैं कि क़यामत का दिन इतना सख्त है कि हर इंसान सिर्फ अपनी ही फ़िक्र में होगा। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने आख़िरत के लिए अच्छे आमाल कर लें, ताकि उस दिन हमारा हिसाब आसान हो और हम जन्नत में दाख़िल हों।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि इस्लाम में माँ-बाप का बहुत बड़ा मक़ाम है, और हमें उनकी ख़िदमत करनी चाहिए, उनके साथ अच्छा सुलूक करना चाहिए, क्योंकि यही अल्लाह की रज़ा का ज़रिया है। लेकिन क़यामत के दिन हर शख्स अपनी ही पड़ी होगी, इसलिए हमें अल्लाह की इबादत और नेक कामों में जल्दी करनी चाहिए।

अल्लाह हम सबको क़यामत के दिन की सख्ती से बचाए और अपने रहमत से जन्नत अता फ़रमाए। आमीन।



📜 आयत 33-37 — सूरा अबस

33فَإِذَا جَاءَتِ الصَّاخَّةُ
तो जब कानों के परदे फाड़ने वाली (क़यामत) आ मौजूद होगी
34يَوْمَ يَفِرُّ الْمَرْءُ مِنْ أَخِيهِ
उस दिन आदमी अपने भाई
35وَأُمِّهِ وَأَبِيهِ
और अपनी माँ और अपने बाप
36وَصَاحِبَتِهِ وَبَنِيهِ
और अपने लड़के बालों से भागेगा
37لِكُلِّ امْرِئٍ مِّنْهُمْ يَوْمَئِذٍ شَأْنٌ يُغْنِيهِ
उस दिन हर शख़्श (अपनी नजात की) ऐसी फ़िक्र में होगा जो उसके (मशग़ूल होने के) लिए काफ़ी हों
अबसकुरान सूची
42आयत
मक्कीअवतरण स्थान
35आयत

अनुवाद — अबस 35

सूरा अबस आयत 35 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपनी माँ और अपने बाप

सूरा आयत 35/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 33–37. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Wednesday, September 30, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए