Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا عَلَيْكَ: तुम पर कोई दोष या ज़िम्मेदारी नहीं है।
- أَلَّا يَزَّكَّىٰ: कि वह पवित्र न हो, यानी अपने कुफ्र और गुनाहों से तौबा करके शुद्ध न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमाते हैं कि ऐ नबी! जो शख्स तुमसे बेपरवाह होकर अपनी दौलत और बड़ाई पर इतरा रहा है, और तुम उसकी हिदायत की ख़ातिर उसके पास जाते हो और उसकी बात सुनते हो, तो अगर वह अपने कुफ्र और गुनाहों से तौबा करके पाक नहीं होता, तो इसका कोई नुक़सान तुम्हें नहीं पहुँचेगा। तुम पर उसके ईमान लाने की ज़िम्मेदारी नहीं है। तुम्हारा काम सिर्फ़ पैग़ाम पहुँचाना है। अगर वह हिदायत नहीं पाता, तो यह उसकी अपनी बदक़िस्मती है, तुम्हारी कोई कसर नहीं।
यह आयत हमें सिखाती है कि हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है, और हमारा काम सिर्फ़ अच्छी तरह से समझाना है। जो लोग हक़ से मुँह मोड़ते हैं, उनके अंजाम की ज़िम्मेदारी उन्हीं पर है। यह बात दिल को सुकून देती है कि हमें नतीजे की फ़िक्र नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपने फ़र्ज़ को अच्छी तरह अंजाम देना चाहिए।
इस आयत से हमें यह भी सबक़ मिलता है कि दीन की दावत में इख़लास (निष्ठा) होनी चाहिए। हमें हर इंसान को भलाई की तरफ़ बुलाना चाहिए, चाहे वह अमीर हो या ग़रीब, लेकिन अगर कोई हक़ को क़बूल न करे, तो हमें मायूस नहीं होना चाहिए। अल्लाह का दीन सच्चा है, और सच्चाई आख़िर में ज़रूर जीतती है। हमें अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 5-9 — सूरा अबस
अनुवाद — अबस 7
सूरा अबस आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम ज़िम्मेदार नहींसूरा आयत 7/42 — सूरा अबस عبس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अबस सुनें, सूरा अबस अनुवाद, सूरा अबस mp3, सूरा अबस pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अबस
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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