अबस · 6/42
अनुवाद उच्चारण — अबस
فَأَنتَ لَهُ تَصَدَّىٰ ۝٦
Fa-anta lahu tasaddaa
📖 हिंदी अर्थ
उसके तो तुम दरपै हो जाते हो हालॉकि अगर वह न सुधरे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَصَدَّى: तुम उसकी ओर ध्यान देते हो, उसके पास जाते हो, उससे मिलने की कोशिश करते हो और उसकी बात सुनने के लिए झुकते हो।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को नर्मी से समझा रहे हैं कि आप उस व्यक्ति की ओर ध्यान दे रहे हैं जो आपसे बेपरवाह है और अपनी दौलत और दुनियावी ठाठ-बाठ पर इतरा रहा है। आप उसके पास जाते हैं, उसकी बात सुनते हैं और उसे हिदायत देने की कोशिश करते हैं, हालाँकि उसे आपकी बातों से कोई मतलब नहीं और वह अपने कुफ्र और ग़ुरूर पर अड़ा हुआ है। यह आपकी महान दयालुता और उम्मत के प्रति आपके प्यार का सबूत है कि आप हर इंसान को राह पर लाना चाहते हैं, चाहे वह कितना ही अहंकारी क्यों न हो।

लेकिन अल्लाह तआला आपको यह सिखा रहे हैं कि हिदायत देना आपका काम नहीं, बल्कि हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है। आपका फर्ज़ सिर्फ पैग़ाम पहुँचाना है। जो लोग दौलत और ओहदे के घमंड में चूर हैं और सच्चाई से मुँह मोड़ रहे हैं, उनके पीछे पड़ने की ज़रूरत नहीं। बेहतर यह है कि उन लोगों पर ध्यान दिया जाए जो सच्चे दिल से हिदायत चाहते हैं, जो अल्लाह से डरते हैं और जो अपनी गलतियों से तौबा करना चाहते हैं।

यह आयत हमें सिखाती है कि दीन की दावत में हमें उन लोगों को प्राथमिकता देनी चाहिए जो सुनने और समझने के लिए तैयार हैं, न कि उन पर समय बर्बाद करना जो घमंड और अहंकार के कारण सच्चाई को कभी क़बूल नहीं करेंगे। साथ ही यह भी सबक है कि इंसान को अपनी दौलत और दुनियावी रुतबे पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि अल्लाह के नज़दीक सबसे इज़्ज़त वाला वही है जो सबसे ज़्यादा तक़वा रखता है।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के रसूल ﷺ की शफ़क़त और रहमत का अंदाज़ा लगाइए — वह उस इंसान की भी भलाई चाहते थे जो उनसे मुँह मोड़ रहा था। यही उनकी उम्मत के लिए सबसे बड़ी नेमत है कि हमारे पास ऐसा रहनुमा है जो हमारी हिदायत के लिए हर हद तक जा सकता है। हमें चाहिए कि हम उनकी सुन्नत को अपनाएँ और उनके बताए रास्ते पर चलें, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।



📜 आयत 4-8 — अबस

4أَوْ يَذَّكَّرُ فَتَنفَعَهُ الذِّكْرَىٰ
या वह नसीहत सुनता तो नसीहत उसके काम आती
5أَمَّا مَنِ اسْتَغْنَىٰ
तो जो कुछ परवाह नहीं करता
6فَأَنتَ لَهُ تَصَدَّىٰ
उसके तो तुम दरपै हो जाते हो हालॉकि अगर वह न सुधरे
7وَمَا عَلَيْكَ أَلَّا يَزَّكَّىٰ
तो तुम ज़िम्मेदार नहीं
8وَأَمَّا مَن جَاءَكَ يَسْعَىٰ
और जो तुम्हारे पास लपकता हुआ आता है
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अनुवाद — अबस 6

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Tuesday, August 18, 2026

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