अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُيِّرَتْ: हिला दी जाएँगी, अपनी जगह से उखाड़ कर चलाई जाएँगी।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ियामत का दिन आएगा, तो ये ऊँची-ऊँची पहाड़ियाँ, जो अपनी जगह पर अटल और मज़बूत दिखाई देती हैं, अपनी जगह से उखाड़ दी जाएँगी। वे रूई के परिन्दों की तरह उड़ाई जाएँगी और फिर उन्हें धूल के कणों में बदल दिया जाएगा। यह अल्लाह की क़ुदरत का एक अज़ीम मंज़र होगा, जब वह अपनी मख़लूक़ात के सबसे बड़े पहाड़ों को भी मिट्टी के बराबर कर देगा। यह घटना उस दिन की हैसियत और अज़मत को ज़ाहिर करती है, जब सारी काइनात अपने मालिक के हुक्म के सामने बेबस और ताबे होगी।
दावत और नसीहत:
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि इस दुनिया की चीज़ें चाहे कितनी भी बड़ी और मज़बूत क्यों न दिखें, वे सब फ़ानी हैं और अल्लाह के हुक्म के आगे बेबस हैं। जिस दिन वह चाहेगा, इन पहाड़ों को भी उखाड़ कर रख देगा। तो फिर हम इंसान, जो इन पहाड़ों से कहीं ज़्यादा कमज़ोर हैं, अपनी ज़िंदगी में अल्लाह की नाफ़रमानी की हिम्मत कैसे कर सकते हैं? यह आयत हमें उस दिन की तैयारी की तरफ़ बुलाती है, जब हर इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देगा। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, ताकि उस दिन हमारा सामना खुशी और कामयाबी से हो, न कि पछतावे और अज़ाब से।
📜 आयत 1-5 — अत-तकवीर
अनुवाद — अत-तकवीर 3
सूरा अत-तकवीर आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब पहाड़ चलाए जाएंगेंसूरा आयत 3/29 — अत-तकवीर التكوير (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अत-तकवीर सुनें, अत-तकवीर अनुवाद, अत-तकवीर mp3, अत-तकवीर pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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