अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذُو الْعَرْشِ: अर्श (सिंहासन) का स्वामी।
- الْمَجِيدُ: अत्यंत प्रतिष्ठित, महान और सम्मानित।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की महानता और उसके अज़मत (महिमा) को बयान करती है। अल्लाह तआला उस अर्श का मालिक है जो सारे जहान से कहीं अधिक विशाल और महान है। वह अर्श, जिसे फ़रिश्ते अपने कंधों पर उठाए हुए हैं, उसकी अज़मत के सामने नाचीज़ है। अल्लाह तआला "मजीद" है, यानी वह अपनी ज़ात, अपने सिफ़ात (गुणों), अपने कामों और अपनी रहमत में अत्यंत महान और बेहद बुलंद है। उसकी महिमा की कोई इंतिहा नहीं, उसकी बुज़ुर्गी की कोई हद नहीं। वही सबसे बड़ा, सबसे ऊंचा और सबसे पाक है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम अल्लाह के अर्श और उसकी मजीद (महिमा) को याद करते हैं, तो हमारे दिलों में उसका खौफ़ और उसकी मुहब्बत दोनों पैदा होते हैं। खौफ़ इसलिए कि वह इतना महान है कि उसके सामने हमारी कोई हैसियत नहीं, और मुहब्बत इसलिए कि वह इतना करीम और रहीम है कि अपने बंदों को अपनी रहमत से नवाज़ता है।
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी अज़मत का ज़िक्र करके हमें बताया है कि जो लोग उसके दीन को दबाने की कोशिश करते हैं, वे कितने नादान हैं। क्या वे उस अल्लाह से लड़ सकते हैं जो अर्श का मालिक है? क्या उनकी ताक़त उसके मुक़ाबले में कुछ है जो सारे जहान का ख़ालिक़ है? हरगिज़ नहीं! यह आयत मोमिनीन के लिए तसल्ली और हिम्मत का ज़रिया है कि वे अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि उनका रब सबसे बड़ा है, सबसे महान है, और उसकी मदद कभी देर नहीं करती।
याद रखिए, जिस अल्लाह का अर्श इतना विशाल है, उसकी रहमत भी उतनी ही विशाल है। वह अपने बंदों से मुहब्बत करता है, उनकी दुआएं सुनता है, और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। इसलिए अपने दिल को उसकी याद से जोड़िए, उसकी इबादत में मज़ा लीजिए, और उसकी रहमत से कभी मायूस न हों। वह मजीद है, और अपनी मजीदी के साथ अपने नेक बंदों को इज़्ज़त देने वाला है।
📜 आयत 13-17 — अल-बुरूज
अनुवाद — अल-बुरूज 15
सूरा अल-बुरूज आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अर्श का मालिक बड़ा आलीशान हैसूरा आयत 15/22 — अल-बुरूज البروج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बुरूज सुनें, अल-बुरूज अनुवाद, अल-बुरूज mp3, अल-बुरूज pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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