अल-बुरूज · 14/22
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बुरूज
وَهُوَ الْغَفُورُ الْوَدُودُ ۝١٤
Wa Huwal Ghafoorul Wadood
📖 हिंदी अर्थ
और वही बड़ा बख्शने वाला मोहब्बत करने वाला है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْغَفُورُ: अत्यधिक क्षमा करने वाला, अपने बंदों के गुनाहों को ढकने और माफ करने वाला।
  • الْوَدُودُ: अत्यधिक प्रेम करने वाला, अपने नेक बंदों से प्रेम करने वाला और उन पर अपनी विशेष कृपा और दया बरसाने वाला।

तफसीर:

यह आयत अल्लाह तआला के दो खूबसूरत नामों का जिक्र करती है, जो उसकी रहमत और मुहब्बत की गवाही देते हैं। अल्लाह पाक "अल-ग़फूर" है, यानी वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करने वाला है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें और अपनी गलतियों से बाज़ आ जाएं। उसकी माफी असीमित है, चाहे गुनाह कितने ही बड़े क्यों न हों। वह "अल-वदूद" है, यानी वह अपने नेक और परहेज़गार बंदों से बेहद मुहब्बत करता है। यह मुहब्बत सिर्फ ज़बानी नहीं, बल्कि उसका अमली सबूत यह है कि वह उन्हें माफ करता है, उनकी दुआएं कबूल करता है, उन्हें अपनी खास रहमत से नवाजता है और उनके दिलों में अपनी मुहब्बत और अपने जिक्र की लज्ज़त डालता है।

यह आयत मोमिन के लिए कितनी बड़ी खुशखबरी है! जब इंसान को यकीन हो जाए कि उसका रब उससे मुहब्बत करता है और उसके गुनाह माफ करने के लिए हमेशा तैयार है, तो उसका दिल सुकून से भर जाता है। वह जानता है कि चाहे उससे कितनी भी गलतियां हुई हों, अल्लाह की रहमत का दरवाजा बंद नहीं हुआ। बस शर्त है — सच्ची तौबा और अल्लाह की तरफ पलटना। यही वजह है कि अल्लाह ने अपने नबी ﷺ से कहा कि बंदों को बता दो कि मैं बहुत माफ करने वाला और बेहद मुहब्बत करने वाला हूं।

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि हमें कभी अल्लाह की रहमत से मायूस नहीं होना चाहिए। गुनाह चाहे जितने भी हों, अल्लाह की माफी उससे कहीं बड़ी है। साथ ही, हमें भी अल्लाह से मुहब्बत करनी चाहिए और उसकी मुहब्बत पाने के लिए उसके हुक्मों पर अमल करना चाहिए। जो इंसान अल्लाह से मुहब्बत करता है, अल्लाह भी उससे मुहब्बत करता है और उसे दुनिया और आखिरत में कामयाबी अता करता है। यही सच्ची कामयाबी है — कि अल्लाह हमसे राज़ी हो जाए और हमें अपने करीबियों में शामिल कर ले।



📜 आयत 12-16 — सूरा अल-बुरूज

12إِنَّ بَطْشَ رَبِّكَ لَشَدِيدٌ
बेशक तुम्हारे परवरदिगार की पकड़ बहुत सख्त है
13إِنَّهُ هُوَ يُبْدِئُ وَيُعِيدُ
वही पहली दफ़ा पैदा करता है और वही दोबारा (क़यामत में ज़िन्दा) करेगा
14وَهُوَ الْغَفُورُ الْوَدُودُ
और वही बड़ा बख्शने वाला मोहब्बत करने वाला है
15ذُو الْعَرْشِ الْمَجِيدُ
अर्श का मालिक बड़ा आलीशान है
16فَعَّالٌ لِّمَا يُرِيدُ
जो चाहता है करता है
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अनुवाद — अल-बुरूज 14

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Friday, October 2, 2026

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