अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- سَيَذَّكَّرُ — वह नसीहत हासिल करेगा, सीख लेगा।
- مَن يَخْشَىٰ — जो (अल्लाह से) डरता है।
तफ़सीर:
यह आयत बताती है कि क़ुरआन की नसीहत और पैग़म्बर ﷺ की दावत का फ़ायदा उठाने वाले वही लोग हैं जिनके दिलों में अल्लाह का ख़ौफ़ (डर) होता है। जो शख्स अपने रब से डरता है और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है, वह नसीहत को कानों से नहीं, बल्कि दिल से सुनता है। उसका डर उसे अमल की तरफ़ ले जाता है, और वह हिदायत की राह पर चल पड़ता है।
यह ख़ौफ़ महज़ एक एहसास नहीं, बल्कि एक नूर है जो इंसान को गुनाहों से रोकता है और नेकियों की तरफ़ रग़बत दिलाता है। अल्लाह तआला ने यहाँ ख़ौफ़ को ज़िक्र (नसीहत) हासिल करने की शर्त बनाया है, क्योंकि जिस दिल में ख़ौफ़-ए-ख़ुदा नहीं होता, वह नसीहत से बेपरवाह हो जाता है और अपनी सरकशी में गर्क रहता है।
वहीं जो शख्स अल्लाह से नहीं डरता, वह नसीहत से किनारा करता है और अंजाम में उस बड़ी आग (जहन्नम) में जाएगा जिसमें न मरने की राहत होगी और न जीने का सुकून। यह उसकी सख्त बदबख्ती है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हम अपने दिल में अल्लाह का ख़ौफ़ पैदा करें, क्योंकि यही वह चीज़ है जो हमें क़ुरआन की हर आयत से फ़ायदा उठाने की तौफ़ीक़ देती है। जिसे अल्लाह का डर होता है, अल्लाह उसे समझने की तौफ़ीक़ देता है और उसके दिल को हिदायत के लिए खोल देता है। यह अल्लाह का फ़ज़ल है जो वह अपने डरने वाले बंदों को अता करता है।
तो आओ, हम अपने दिलों को ख़ौफ़-ए-ख़ुदा से मामूर करें, और क़ुरआन की हर आयत को इसी एहसास के साथ पढ़ें कि यह हमारे रब का पैग़ाम है — ताकि हम उन कामयाब लोगों में शामिल हों जो नसीहत हासिल करते हैं और दोनों जहान की भलाई पाते हैं।
📜 आयत 8-12 — अल-आला
अनुवाद — अल-आला 10
सूरा अल-आला आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो खौफ रखता हो वह तो फौरी समझ जाएगासूरा आयत 10/19 — अल-आला الأعلى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आला सुनें, अल-आला अनुवाद, अल-आला mp3, अल-आला pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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