अल-आला · 9/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आला
فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ الذِّكْرَىٰ ۝٩
Fazakkir in nafa`atizzikraa
📖 हिंदी अर्थ
तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَذَكِّرْ: नसीहत करो, याद दिलाओ।
  • الذِّكْرَى: नसीहत, उपदेश, याद दिलाना।

व्याख्या:

हे नबी! आप लोगों को नसीहत करते रहिए, उन्हें क़ुरआन की आयतों के माध्यम से याद दिलाते रहिए। यह आपका मुख्य कार्य है—लोगों को सत्य की ओर बुलाना और उन्हें अच्छे कर्मों की प्रेरणा देना। यह नसीहत तब भी दीजिए जब आपको लगे कि इसका तुरंत प्रभाव नहीं पड़ रहा, क्योंकि नसीहत का उद्देश्य केवल परिणाम नहीं, बल्कि कर्तव्य का पालन भी है।

याद रखिए, आपका काम केवल संदेश पहुँचाना है, लोगों को हिदायत देना आपके अधिकार में नहीं है। जो लोग नसीहत सुनने के लिए तैयार हैं, उन्हें विशेष रूप से नसीहत कीजिए। जो लोग हठ और अहंकार के कारण सत्य को स्वीकार नहीं करते, उनके पीछे अपनी ऊर्जा बर्बाद न कीजिए। आपका दायित्व केवल स्पष्ट रूप से संदेश पहुँचाना है, और यही आपकी सफलता है।

यह आदेश एक महान सत्य की ओर इशारा करता है—दीन में ज़बरदस्ती नहीं है। हिदायत अल्लाह के हाथ में है, और नबी का कार्य केवल प्रचार और प्रसार है। जब आप नसीहत करते हैं, तो आप अल्लाह के पैग़ाम को पहुँचाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, चाहे लोग उसे स्वीकार करें या अस्वीकार। यही आपकी ज़िम्मेदारी है, और इसी का फल आपको अल्लाह के यहाँ मिलेगा।

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि हमें भी अपने परिवार, समाज और मित्रों को अच्छी बातों की नसीहत करते रहना चाहिए, भले ही वे सुनें या न सुनें। हमारा काम केवल सही संदेश पहुँचाना है, और परिणाम अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। यही सच्चे मुसलमान की पहचान है—वह दूसरों की भलाई के लिए प्रयास करता है, बिना किसी स्वार्थ के, और अल्लाह पर पूर्ण भरोसा रखता है।



📜 आयत 7-11 — सूरा अल-आला

7إِلَّا مَا شَاءَ اللَّهُ ۚ إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ
मगर जो ख़ुदा चाहे (मन्सूख़ कर दे) बेशक वह खुली बात को भी जानता है और छुपे हुए को भी
8وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ
और हम तुमको आसान तरीके की तौफ़ीक़ देंगे
9فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ الذِّكْرَىٰ
तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो
10سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ
जो खौफ रखता हो वह तो फौरी समझ जाएगा
11وَيَتَجَنَّبُهَا الْأَشْقَى
और बदबख्त उससे पहलू तही करेगा
अल-आलाकुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
9आयत

अनुवाद — अल-आला 9

सूरा अल-आला आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जहाँ तक समझाना मुफ़ीद हो समझते रहो

सूरा आयत 9/19 — सूरा अल-आला الأعلى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आला सुनें, सूरा अल-आला अनुवाद, सूरा अल-आला mp3, सूरा अल-आला pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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