अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّحُفِ: किताबें, पवित्र ग्रंथ, या वे लिखित पन्ने जो अल्लाह ने अपने नबियों पर उतारे।
- الْأُولَىٰ: पहले की, यानी वे किताबें जो कुरआन से पहले उतारी गईं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमा रहे हैं कि यह बात—जो इस सूरह में बयान की गई है, यानी सफलता का राज़, पवित्रता, अल्लाह के ज़िक्र, नमाज़, और आख़िरत की भलाई को तरजीह देना—कोई नई बात नहीं है। यही हिदायतें और यही सच्चाई उन पवित्र किताबों में भी मौजूद थी जो कुरआन से पहले नाज़िल हुईं। यानी यह सच्चाई कोई नई नहीं, बल्कि उन्हीं मूल सिद्धांतों की पुष्टि है जो अल्लाह ने अपने नबियों पर उतारे थे।
यह आयत हमें बताती है कि इस्लाम का पैग़ाम कोई अलग या नया पैग़ाम नहीं, बल्कि यह उसी एक अल्लाह की तरफ़ से आया हुआ वही सच्चा दीन है जो हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) और हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के समय से चला आ रहा है। यानी जो बातें आज कुरआन में हैं, वही बातें पहले की किताबों में भी थीं। अल्लाह ने हर ज़माने में अपने बंदों को यही सिखाया है—पवित्रता, सच्चाई, नमाज़, और आख़िरत की तैयारी।
इस आयत का एक बड़ा पैग़ाम यह है कि कुरआन और पिछली किताबों में कोई बुनियादी टकराव नहीं है, बल्कि सभी अल्लाह की तरफ़ से हैं और उनका मक़सद एक ही है—इंसान को सीधे रास्ते पर लाना। यह हमारे लिए एक इत्मीनान की बात है कि हम जिस दीन पर चल रहे हैं, वही दीन अल्लाह ने अपने पहले नबियों को भी दिया था।
और यह भी याद रखें कि अल्लाह ने कुरआन को आख़िरी और मुकम्मल किताब बनाया है, जो पिछली सभी किताबों की तस्दीक़ करती है और उनकी हिफ़ाज़त भी करती है। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें यह आख़िरी किताब दी, जो क़यामत तक के लिए हिदायत का ज़रिया है। हमें चाहिए कि इस किताब को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, ताकि हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 16-19 — सूरा अल-आला
अनुवाद — अल-आला 18
सूरा अल-आला आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक यही बात अगले सहीफ़ोंसूरा आयत 18/19 — सूरा अल-आला الأعلى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आला सुनें, सूरा अल-आला अनुवाद, सूरा अल-आला mp3, सूरा अल-आला pdf. आयत 16–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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