अल-आला · 17/19
अनुवाद उच्चारण — अल-आला
وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ ۝١٧
Wal Aakhiratu khairunw wa abqaa
📖 हिंदी अर्थ
हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْآخِرَةُ: आख़िरत, परलोक का जीवन।
  • خَيْرٌ: बेहतर, उत्तम।
  • أَبْقَىٰ: अधिक स्थायी, जो कभी समाप्त न होने वाला हो।

तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि आख़िरत (परलोक) का जीवन दुनिया की ज़िंदगी से कहीं बेहतर और कहीं अधिक स्थायी है। दुनिया की ज़िंदगी चंद रोज़ की है, इसके सुख-दुख, आराम-तकलीफ़ सब कुछ फ़ानी (नाशवान) है। यहाँ की खुशियाँ कुछ पलों के लिए होती हैं, और फिर ज़िंदगी की मुश्किलें, बीमारियाँ, बुढ़ापा और आख़िर में मौत सब कुछ खत्म कर देती है।

लेकिन आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा रहने वाली है। वहाँ का सुख, वहाँ की नेमतें, वहाँ का आराम — सब कुछ ऐसा है जो कभी खत्म नहीं होता। अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए जो जन्नत तैयार की है, उसमें ऐसी नेमतें हैं जिन्हें किसी आँख ने नहीं देखा, किसी कान ने नहीं सुना और किसी दिल ने नहीं सोचा। वहाँ का हर पल खुशी और सुकून से भरा होगा, और वह हमेशा हमेशा के लिए होगा।

यह आयत हमें सिखाती है कि हमें दुनिया की चमक-दमक और अस्थायी सुखों के पीछे नहीं भागना चाहिए, बल्कि अपनी असली ज़िंदगी — यानी आख़िरत की ज़िंदगी — को बेहतर बनाने के लिए कोशिश करनी चाहिए। जो इंसान दुनिया को आख़िरत पर तरजीह देता है, वह बड़ा नुकसान उठाता है, क्योंकि वह चंद दिनों की खुशी के लिए हमेशा की खुशी खो देता है।

अल्लाह तआला ने हमें यह बताकर बड़ी रहमत की है कि असली कामयाबी किसमें है। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारें कि आख़िरत में हमें कामयाबी मिले। दुनिया की मेहनत को आख़िरत की खातिर करें, और हर अच्छे काम को इस नीयत से करें कि अल्लाह हमसे राज़ी हो। याद रखें, दुनिया की ज़िंदगी भले ही लंबी लगे, लेकिन आख़िरत के सामने वह एक पल के बराबर भी नहीं है। इसलिए समझदार वही है जो अपनी हमेशा की ज़िंदगी को संवारे, और अल्लाह की रहमत और जन्नत का हक़दार बने।

🎧 सुनें

📜 आयत 15-19 — अल-आला

15وَذَكَرَ اسْمَ رَبِّهِ فَصَلَّىٰ
और अपने परवरदिगार का ज़िक्र करता और नमाज़ पढ़ता रहा
16بَلْ تُؤْثِرُونَ الْحَيَاةَ الدُّنْيَا
मगर तुम लोग दुनियावी ज़िन्दगी को तरजीह देते हो
17وَالْآخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰ
हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है
18إِنَّ هَٰذَا لَفِي الصُّحُفِ الْأُولَىٰ
बेशक यही बात अगले सहीफ़ों
19صُحُفِ إِبْرَاهِيمَ وَمُوسَىٰ
इबराहीम और मूसा के सहीफ़ों में भी है
अल-आलाकुरान सूची
19आयत
मक्कीRevelation
17आयत

अनुवाद — अल-आला 17

सूरा अल-आला आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हालॉकि आख़ोरत कहीं बेहतर और देर पा है

सूरा आयत 17/19 — अल-आला الأعلى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आला सुनें, अल-आला अनुवाद, अल-आला mp3, अल-आला pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए