अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- وُجُوهٌ – चेहरे
- يَوْمَئِذٍ – उस दिन
- نَّاعِمَةٌ – ताज़गी और खुशहाली वाले, नेमतों से भरपूर
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने पहले जहन्नमियों के चेहरों का हाल बयान किया, और अब उनके मुक़ाबले में जन्नतियों के चेहरों का ज़िक्र फ़रमा रहे हैं, ताकि दोनों के दर्जे और हालात का फ़र्क़ साफ़ हो जाए। फ़रमाते हैं कि उस दिन कुछ चेहरे ऐसे होंगे जो पूरी तरह ताज़गी, रौनक़ और ख़ुशी से भरे हुए होंगे। ये वो चेहरे हैं जो दुनिया में ईमान और नेक अ’माल पर चले, अल्लाह की रज़ा के लिए मेहनत की, और अपने रब की इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारी। उनकी ये मेहनत और सच्चाई आज उनके चेहरों पर नूर और ख़ुशी की सूरत में नज़र आएगी।
ये चेहरे उस दिन ऐसी नेमत में होंगे कि उन पर किसी तरह की थकान, ग़म या परेशानी का नामो-निशान नहीं होगा। वे अपने रब की तरफ़ से मिलने वाले इनाम से राज़ी और ख़ुश होंगे। वे ऊँचे दर्जे की जन्नत में होंगे, जहाँ कोई बेहूदा और लग़्व बात नहीं सुनाई देगी। वहाँ बहने वाले चश्मे होंगे, ऊँचे तख़्त होंगे, साफ़-सुथरे प्याले रखे होंगे, गद्दियाँ एक के बाद एक सजी होंगी, और कीमती फ़र्श बिछे होंगे। ये सब कुछ उनके लिए तैयार है, जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की राह में कदम बढ़ाए और अपने अ’माल को अच्छा बनाया।
दावती पहलू:
ये आयत हर उस इंसान के लिए ख़ुशख़बरी है जो आज अल्लाह की राह में मेहनत करता है, चाहे उसे दुनिया में कितनी भी मुश्किलें क्यों न उठानी पड़ें। याद रखिए! ये दुनिया की मेहनत और मशक़्कत कुछ दिनों की है, लेकिन उसका इनाम हमेशा की ज़िंदगी है। जो लोग आज अपने चेहरे को अल्लाह की इबादत की वजह से रौशन करते हैं, अल्लाह उनके चेहरों को क़यामत के दिन ऐसी नेमत और रौनक़ से भर देगा जिसका कोई अंदाज़ा नहीं कर सकता। तो आइए, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ, और उस दिन की ख़ुशी और राहत के हक़दार बनें।
📜 आयत 6-10 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 8
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगेसूरा आयत 8/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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