अल-ग़ाशिया · 7/26
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-ग़ाशिया
لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ ۝٧
Laa yusminu wa laa yughnee min joo
📖 हिंदी अर्थ
जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا يُسْمِنُ — न मोटा करता है, न शरीर को पुष्ट करता है।
  • وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ — और न भूख को दूर करता है, न भूख की तकलीफ़ को खत्म करता है।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस भयानक भोजन का वर्णन कर रही है जो जहन्नम के लोगों को खिलाया जाएगा। यह भोजन "ज़री'" (काँटेदार पौधा) है, जो बेहद खराब और घिनौना होता है। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि यह भोजन न तो उनके शरीर को कुछ फ़ायदा पहुँचाएगा और न ही उनकी भूख को शांत करेगा।

आम तौर पर खाने का मक़सद दो चीज़ें होती हैं: पहला, शरीर को ताक़त और पोषण देना, और दूसरा, भूख की तकलीफ़ को दूर करना। लेकिन यह काँटेदार भोजन दोनों ही मक़सदों में नाकाम रहेगा। न यह उनके बदन को मज़बूत करेगा, न ही उनकी भूख की आग को बुझाएगा। यानी यह न तो ज़ाहिरी तौर पर उन्हें कोई राहत देगा और न ही बातिनी (आंतरिक) तौर पर।

यह उस अज़ाब की सख़्ती को बयान करता है जो काफ़िरों के लिए तैयार किया गया है। वे भूखे भी रहेंगे और उन्हें ऐसा खाना दिया जाएगा जो उनकी भूख को और बढ़ाएगा, मगर कभी शांत नहीं करेगा। यह उनके लिए एक और अज़ाब है — भूख का अज़ाब, जो कभी ख़त्म नहीं होगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की क़द्र करना सिखाती है। जब हम देखते हैं कि हमारे पास साफ़-सुथरा, हलाल और पौष्टिक खाना है, तो यह अल्लाह का बड़ा एहसान है। हमें चाहिए कि हम इस नेमत के शुक्रगुज़ार बनें और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें। यह आयत हमें आख़िरत के अज़ाब से डराती है ताकि हम दुनिया में अच्छे काम करें और जहन्नम की आग से बचने की कोशिश करें। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में कई नेमतें दी हैं, और सबसे बड़ी नेमत यह है कि उसने हमें ईमान और हिदायत दी। हमें चाहिए कि इन नेमतों का सही इस्तेमाल करें और अल्लाह की राह में खर्च करें, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो आख़िरत में इस तरह के भयानक अज़ाब का सामना करें।

याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत हमेशा रहने वाली है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए जन्नत में ऐसा खाना और पेय है जो कभी ख़त्म नहीं होगा और जिसका स्वाद हमेशा अच्छा रहेगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 5-9 — सूरा अल-ग़ाशिया

5تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ آنِيَةٍ
उन्हें एक खौलते हुए चशमें का पानी पिलाया जाएगा
6لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ
ख़ारदार झाड़ी के सिवा उनके लिए कोई खाना नहीं
7لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ
जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगा
8وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ
(और) बहुत से चेहरे उस दिन तरो ताज़ा होंगे
9لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ
अपनी कोशिश (के नतीजे) पर शादमान
अल-ग़ाशियाकुरान सूची
26आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अल-ग़ाशिया 7

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Thursday, October 1, 2026

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