Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَا يُسْمِنُ — न मोटा करता है, न शरीर को पुष्ट करता है।
- وَلَا يُغْنِي مِن جُوعٍ — और न भूख को दूर करता है, न भूख की तकलीफ़ को खत्म करता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस भयानक भोजन का वर्णन कर रही है जो जहन्नम के लोगों को खिलाया जाएगा। यह भोजन "ज़री'" (काँटेदार पौधा) है, जो बेहद खराब और घिनौना होता है। अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि यह भोजन न तो उनके शरीर को कुछ फ़ायदा पहुँचाएगा और न ही उनकी भूख को शांत करेगा।
आम तौर पर खाने का मक़सद दो चीज़ें होती हैं: पहला, शरीर को ताक़त और पोषण देना, और दूसरा, भूख की तकलीफ़ को दूर करना। लेकिन यह काँटेदार भोजन दोनों ही मक़सदों में नाकाम रहेगा। न यह उनके बदन को मज़बूत करेगा, न ही उनकी भूख की आग को बुझाएगा। यानी यह न तो ज़ाहिरी तौर पर उन्हें कोई राहत देगा और न ही बातिनी (आंतरिक) तौर पर।
यह उस अज़ाब की सख़्ती को बयान करता है जो काफ़िरों के लिए तैयार किया गया है। वे भूखे भी रहेंगे और उन्हें ऐसा खाना दिया जाएगा जो उनकी भूख को और बढ़ाएगा, मगर कभी शांत नहीं करेगा। यह उनके लिए एक और अज़ाब है — भूख का अज़ाब, जो कभी ख़त्म नहीं होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की क़द्र करना सिखाती है। जब हम देखते हैं कि हमारे पास साफ़-सुथरा, हलाल और पौष्टिक खाना है, तो यह अल्लाह का बड़ा एहसान है। हमें चाहिए कि हम इस नेमत के शुक्रगुज़ार बनें और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें। यह आयत हमें आख़िरत के अज़ाब से डराती है ताकि हम दुनिया में अच्छे काम करें और जहन्नम की आग से बचने की कोशिश करें। अल्लाह तआला ने हमें दुनिया में कई नेमतें दी हैं, और सबसे बड़ी नेमत यह है कि उसने हमें ईमान और हिदायत दी। हमें चाहिए कि इन नेमतों का सही इस्तेमाल करें और अल्लाह की राह में खर्च करें, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो आख़िरत में इस तरह के भयानक अज़ाब का सामना करें।
याद रखें, दुनिया की यह ज़िंदगी बहुत छोटी है, लेकिन आख़िरत हमेशा रहने वाली है। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए जन्नत में ऐसा खाना और पेय है जो कभी ख़त्म नहीं होगा और जिसका स्वाद हमेशा अच्छा रहेगा। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 7
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो मोटाई पैदा करे न भूख में कुछ काम आएगासूरा आयत 7/26 — सूरा अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-ग़ाशिया सुनें, सूरा अल-ग़ाशिया अनुवाद, सूरा अल-ग़ाशिया mp3, सूरा अल-ग़ाशिया pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-ग़ाशिया
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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