Wa laa yunfiqoona nafa qatan sagheeratanw wa laa kabeeratanw wa laa yaqta`oona waadiyan illaa kutiba lahum liyajziyahumul laahu ahsana maa kaanoo ya`maloon
📖 अनुवाद (हिंदी अर्थ)
📖 हिंदी अर्थ
और ये लोग (ख़ुदा की राह में) थोड़ा या बहुत माल नहीं खर्च करते और किसी मैदान को नहीं क़तआ करते मगर फौरन (उनके नामाए अमल में) उनके नाम लिख दिया जाता है ताकि ख़ुदा उनकी कारगुज़ारियों का उन्हें अच्छे से अच्छा बदला अता फरमाए
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اور (اسی طرح) جو وہ خرچ کرتے ہیں تھوڑا یا بہت یا کوئی میدان طے کرتے ہیں تو یہ سب کچھ ان کے لیے (اعمال صالحہ) میں لکھ لیا جاتا ہے تاکہ خدا ان کو ان کے اعمال کا بہت اچھا بدلہ دے
نَفَقَةً صَغِيرَةً: छोटा खर्च, जैसे एक खजूर या उसके बराबर की कोई वस्तु।
كَبيرَةً: बड़ा खर्च, जैसे उस्मान रज़ियल्लाहु अन्हु का जैश-ए-उसरा (तबूक के अभियान) में किया गया बड़ा दान।
يَقْطَعُونَ وَادِيًا: किसी घाटी को पार करना — चाहे जिहाद के लिए जाते समय या लौटते समय।
كُتِبَ لَهُمْ: उनके लिए (अच्छाई) लिख दी गई।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मुजाहिदीन (धर्मयोद्धाओं) के बारे में है जो अल्लाह के रास्ते में अपने माल और जान से जिहाद करते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग जब भी अल्लाह के रास्ते में कोई खर्च करते हैं — चाहे वह बहुत छोटा हो जैसे एक खजूर या एक मुट्ठी अनाज, या बहुत बड़ा हो जैसे बड़ी रकम या ज़मीन-जायदाद — और जब भी ये रास्ते में किसी घाटी या मैदान को पार करते हैं (चाहे जिहाद के लिए जाते हुए या वापस आते हुए), तो यह सब कुछ उनके लिए नेकियों के रूप में लिख लिया जाता है। अल्लाह के पास उनका हर छोटा-बड़ा काम महफ़ूज़ है, और इसका उद्देश्य यह है कि अल्लाह उन्हें उनके सबसे अच्छे कर्मों के बदले सबसे अच्छा बदला दे — यानी जो काम उन्होंने दुनिया में किए, उनमें से जो सबसे पवित्र और अल्लाह को सबसे अधिक पसंद था, उसके अनुसार उन्हें क़ियामत के दिन पूरा-पूरा अज्र (इनाम) अता किया जाएगा। यह अल्लाह का बहुत बड़ा फज़ल है कि वह छोटे से छोटे काम को भी ज़ाया नहीं करता और उसे बड़े इनाम में बदल देता है।
फ़ायदे (उपदेश):
अल्लाह के रास्ते में छोटा-से-छोटा खर्च भी बेकार नहीं जाता — हर दान, हर क़ुर्बानी अल्लाह के यहाँ दर्ज होती है और उसका बदला मिलता है। यह हमें सिखाता है कि "थोड़ा देना बेकार है" का ख़याल गलत है; अल्लाह की राह में दिया गया एक छोटा सिक्का भी अनमोल है।
जिहाद और अल्लाह के काम के लिए उठाया गया हर क़दम — चाहे वह कितनी भी दूर की मंज़िल हो, चाहे रास्ता कितना भी कठिन हो — हर क़दम पर नेकियाँ लिखी जाती हैं। यहाँ तक कि घाटी पार करना भी अज्र का ज़रिया बन जाता है। इससे मुसलमान को हौसला मिलता है कि अल्लाह के काम में उठाया गया हर क़दम इबादत है।
अल्लाह तआला अपने बंदों के साथ बेहद करीम (सखी) है — वह उनके अच्छे कर्मों को देखकर उन्हें सबसे अच्छा बदला देता है। यह हमें अल्लाह की रहमत और उसके फज़ल की उम्मीद दिलाता है और हमें अच्छे कामों पर साबित क़दम रहने की तरग़ीब देता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का दीन (इस्लाम) सिर्फ़ नमाज़ और रोज़े तक सीमित नहीं, बल्कि माल की क़ुर्बानी और जान की क़ुर्बानी भी उसी इबादत का हिस्सा है — और इन सबका इनाम अल्लाह के यहाँ सुरक्षित है।
और ये लोग (ख़ुदा की राह में) थोड़ा या बहुत माल नहीं खर्च करते और किसी मैदान को नहीं क़तआ करते मगर फौरन (उनके नामाए अमल में) उनके नाम लिख दिया जाता है ताकि ख़ुदा उनकी कारगुज़ारियों का उन्हें अच्छे से अच्छा बदला अता फरमाए
मदीने के रहने वालों और उनके गिर्दोनवॉ (आस पास) देहातियों को ये जायज़ न था कि रसूल ख़ुदा का साथ छोड़ दें और न ये (जायज़ था) कि रसूल की जान से बेपरवा होकर अपनी जानों के बचाने की फ्रिक करें ये हुक्म उसी सबब से था कि उन (जिहाद करने वालों) को ख़ुदा की रूह में जो तकलीफ़ प्यास की या मेहनत या भूख की शिद्दत की पहुँचती है या ऐसी राह चलते हैं जो कुफ्फ़ार के ग़ैज़ (ग़ज़ब का बाइस हो या किसी दुश्मन से कुछ ये लोग हासिल करते हैं तो बस उसके ऐवज़ में (उनके नामए अमल में) एक नेक काम लिख दिया जाएगा बेशक ख़ुदा नेकी करने वालों का अज्र (व सवाब) बरबाद नहीं करता है
और ये लोग (ख़ुदा की राह में) थोड़ा या बहुत माल नहीं खर्च करते और किसी मैदान को नहीं क़तआ करते मगर फौरन (उनके नामाए अमल में) उनके नाम लिख दिया जाता है ताकि ख़ुदा उनकी कारगुज़ारियों का उन्हें अच्छे से अच्छा बदला अता फरमाए
और ये भी मुनासिब नहीं कि मोमिननि कुल के कुल (अपने घरों में) निकल खड़े हों उनमें से हर गिरोह की एक जमाअत (अपने घरों से) क्यों नहीं निकलती ताकि इल्मे दीन हासिल करे और जब अपनी क़ौम की तरफ पलट के आवे तो उनको (अज्र व आख़िरत से) डराए ताकि ये लोग डरें
ऐ ईमानदारों कुफ्फार में से जो लोग तुम्हारे आस पास के है उन से लड़ों और (इस तरह लड़ना) चाहिए कि वह लोग तुम में करारापन महसूस करें और जान रखो कि बेशुबहा ख़ुदा परहेज़गारों के साथ है
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