Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَكِينَتَهُ: अपनी ओर से सुकून, शांति और मन की तसल्ली।
- جُنُودًا لَّمْ تَرَوْهَا: ऐसे लश्कर (फ़रिश्ते) जिन्हें तुमने देखा नहीं।
- عَذَّبَ الَّذِينَ كَفَرُوا: काफ़िरों को अज़ाब में डाला (क़त्ल, क़ैद, माल की लूट और स्त्री-बच्चों की ग़ुलामी के रूप में)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने मुसलमानों को उस मुश्किल घड़ी का हाल बताया है जब हुनैन के मैदान में शुरुआती पलटन के बाद कुछ लोग पीछे हट गए थे। उस वक़्त अल्लाह ने अपने रसूल ﷺ और सच्चे ईमानवालों पर अपनी ख़ास सुकून और इत्मिनान नाज़िल फ़रमाया, जिससे उनके दिल मज़बूत हो गए और वे दुश्मन के मुक़ाबले में जमे रहे। फिर अल्लाह ने ऐसे लश्कर भेजे जिन्हें लोगों ने नहीं देखा—यानी फ़रिश्तों के जत्थे—जिन्होंने काफ़िरों के दिलों में रौब डाला और मोमिनीन की हिम्मत बढ़ाई। इसके बाद अल्लाह ने काफ़िरों को अज़ाब में डाला: उनमें से कुछ क़त्ल हुए, कुछ क़ैद हुए, उनका माल लूटा गया और उनके बाल-बच्चे क़ैद कर लिए गए। यह सब उनका दुनिया में बदला था, और आख़िरत में उनके लिए जहन्नुम की आग है। यही काफ़िरों का हक़ीक़ी जज़ा है जिन्होंने अल्लाह के रसूल को झुठलाया और उसके दीन से रोका।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह अपने नबी और मोमिनीन को मुसीबत की घड़ी में सुकून अता करता है, और यह सुकून दिलों का ऐसा सहारा है जो हर मुश्किल में काम आता है।
- अल्लाह की मदद ग़ैब से आती है—कभी फ़रिश्तों के ज़रिए, कभी दिलों में रौब डालकर—इसलिए मोमिन को कभी अकेला और बेसहारा नहीं समझना चाहिए।
- जब अल्लाह किसी क़ौम को अज़ाब देता है, तो वह उसके जुर्म का सटीक बदला होता है; यह अल्लाह की सुन्नत है जो अतीत में भी रही और आइंदा भी रहेगी।
- इस आयत से मुसलमानों को सबक़ मिलता है कि कमज़ोरी के बाद भी अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि अल्लाह की मदद सब्र और यक़ीन के साथ आती है।
- यह बात दिल को तसल्ली देती है कि अल्लाह अपने बंदों को उनकी नीयत और सच्चाई के बदले दुनिया में भी इज़्ज़त देता है और आख़िरत में भी कामयाबी अता करेगा।
📜 आयत 24-28 — सूरा अत-तौबा
अनुवाद — अत-तौबा 26
सूरा अत-तौबा आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तब ख़ुदा ने अपने रसूल पर और मोमिनीन पर अपनी…सूरा आयत 26/129 — सूरा अत-तौबा التوبة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तौबा सुनें, सूरा अत-तौबा अनुवाद, सूरा अत-तौबा mp3, सूरा अत-तौबा pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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