अल-बलद · 12/20
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-बलद
وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْعَقَبَةُ ۝١٢
Wa maaa adraaka mal`aqabah
📖 हिंदी अर्थ
और तुमको क्या मालूम कि घाटी क्या है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • العَقَبَةَ: यह कठिन घाटी या दर्रा है, जिसे पार करना कठिन होता है। यहाँ इससे मुराद वह कठिन कार्य है जो जन्नत तक पहुँचने के लिए ज़रूरी है।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में एक बहुत ही अहम सवाल पूछ रहे हैं, जो हर इंसान के दिल में उतर जाना चाहिए। अल्लाह फ़रमाता है: "और तुझे क्या पता कि वह 'अक़बा' (कठिन घाटी) क्या है?" यानी ऐ नबी! आपको क्या बताए कि वह कौन सा कठिन रास्ता है जिसे पार करना जन्नत तक पहुँचने के लिए ज़रूरी है? यह सवाल इसलिए किया गया है ताकि उसकी अहमियत और कठिनाई को बयान किया जाए, और लोगों के दिलों में उसकी अज़मत बिठाई जाए।

यह 'अक़बा' कोई पहाड़ी दर्रा नहीं है जो पत्थरों से बना हो, बल्कि यह नफ्स की उन ख्वाहिशों और दुनियावी लालचों को छोड़ने का नाम है जो इंसान को अल्लाह की राह से रोकते हैं। यह वह कठिन रास्ता है जो ग़रीबों की मदद, यतीमों की परवरिश, और अल्लाह की राह में खर्च करने से गुज़रता है।

यह आयत हमें बताती है कि जन्नत का रास्ता आसान नहीं है, बल्कि उसमें मेहनत, कुर्बानी और सब्र की ज़रूरत है। लेकिन अल्लाह रहीम है, उसने इस कठिन रास्ते को आसान बनाने के ज़रिए भी बताए हैं, जैसे नेक कामों में जल्दी करना, ईमान लाना और सब्र की ताकीद करना।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में उस 'अक़बा' को पार करने की कोशिश कर रहे हैं या नहीं। क्या हम अपने माल, वक़्त और ताकत को अल्लाह की राह में खर्च कर रहे हैं? क्या हम उन लोगों की मदद करते हैं जो मुश्किल में हैं? यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत तक पहुँचाएगा। अल्लाह हमें इस कठिन घाटी को पार करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 10-14 — सूरा अल-बलद

10وَهَدَيْنَاهُ النَّجْدَيْنِ
और उसको (अच्छी बुरी) दोनों राहें भी दिखा दीं
11فَلَا اقْتَحَمَ الْعَقَبَةَ
फिर वह घाटी पर से होकर (क्यों) नहीं गुज़रा
12وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْعَقَبَةُ
और तुमको क्या मालूम कि घाटी क्या है
13فَكُّ رَقَبَةٍ
किसी (की) गर्दन का (गुलामी या कर्ज से) छुड़ाना
14أَوْ إِطْعَامٌ فِي يَوْمٍ ذِي مَسْغَبَةٍ
या भूख के दिन रिश्तेदार यतीम या ख़ाकसार
अल-बलदकुरान सूची
20आयत
मक्कीअवतरण स्थान
12आयत

अनुवाद — अल-बलद 12

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Sunday, October 11, 2026

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