अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَكّ: खोलना, आज़ाद करना
- رَقَبَة: गर्दन, यहाँ अर्थ है ग़ुलाम या दास
व्याख्या:
अल्लाह तआला ने इस आयत में उस कठिन घाटी (अक़बा) को पार करने का तरीक़ा बयान किया है, जिसका ज़िक्र पिछली आयत में हुआ था। यह घाटी दुनिया और आख़िरत की मुश्किलों का प्रतीक है। अल्लाह ने फ़रमाया कि इस घाटी को पार करने का सबसे बड़ा और अफ़ज़ल तरीक़ा यह है कि इंसान किसी ग़ुलाम या दास की गर्दन को ग़ुलामी की ज़ंजीरों से आज़ाद कराए।
यह एक बहुत बड़ा नेक काम है कि इंसान किसी इंसान को ग़ुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराए, चाहे वह ग़ुलाम पुरुष हो या स्त्री। इस्लाम ने ग़ुलामी को ख़त्म करने और ग़ुलामों को आज़ाद कराने की बहुत ताकीद की है। यह काम अल्लाह के यहाँ इतना पसंदीदा है कि इसे उस कठिन घाटी को पार करने का ज़रिया बताया गया।
हमारे प्यारे नबी ﷺ ने भी ग़ुलामों के साथ भलाई करने और उन्हें आज़ाद कराने की बहुत तरग़ीब दी है। यह एक ऐसा नेक काम है जो इंसान को जहन्नम की आग से बचाता है और जन्नत के रास्ते पर ले जाता है।
आज के दौर में भी हम इस आयत से यह सबक़ ले सकते हैं कि जो लोग किसी न किसी रूप में क़ैद या मुसीबत में हैं, उनकी मदद करना, उन्हें आज़ाद कराना और उनके दुख-दर्द में शरीक होना बहुत बड़ी नेकी है। अल्लाह तआला हम सबको इस नेक काम की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 11-15 — अल-बलद
अनुवाद — अल-बलद 13
सूरा अल-बलद आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : किसी (की) गर्दन का (गुलामी या कर्ज से) छुड़ानासूरा आयत 13/20 — अल-बलद البلد (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बलद सुनें, अल-बलद अनुवाद, अल-बलद mp3, अल-बलद pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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