अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नَاقَةَ اللهِ: अल्लाह की ऊँटनी (जो चमत्कार के रूप में पत्थर से निकाली गई थी)
- سُقْيَاهَا: उसका पानी पीना (अर्थात उसके पानी पीने के दिन का सम्मान करना)
तफ़सीर:
जब समूद की क़ौम ने अपनी सारी हदें पार कर दीं और अपने नबी को झुठलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो अल्लाह ने उन्हें एक बड़ा चमत्कार दिखाया — एक ऊँटनी जो पत्थर से निकाली गई। यह ऊँटनी अल्लाह की निशानी थी, जो नबी सालिह अलैहिस्सलाम की सच्चाई का सबूत थी।
इस आयत में अल्लाह तआला बताता है कि अल्लाह के रसूल सालिह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से कहा: "अल्लाह की ऊँटनी को (नुक़सान पहुँचाने) से बचो, और उसके पानी पीने (के दिन) का ख़्याल रखो।" यानी उन्होंने साफ़ चेतावनी दी कि इस ऊँटनी को कोई नुक़सान न पहुँचाए, न उसे मारे और न उसके पानी पीने में रुकावट डाले। क्योंकि उसका एक दिन पानी पीने का था और उनके लिए एक अलग दिन था।
यह नबी सालिह अलैहिस्सलाम की शफ़्क़त और रहमत का सबूत है कि उन्होंने अपनी क़ौम को बार-बार समझाया, डराया और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचाने की कोशिश की। वे चाहते थे कि उनकी क़ौम ईमान ले आए और अल्लाह की निशानी का सम्मान करे।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि अल्लाह के नबियों की पुकार हमेशा रहमत और भलाई पर आधारित होती है। वे अपनी उम्मत की भलाई चाहते हैं और उन्हें उन चीज़ों से रोकते हैं जो उनके लिए तबाही का सबब बन सकती हैं। अल्लाह की निशानियों का सम्मान करना और उनके हुक्मों की पैरवी करना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है।
आज भी हमारे लिए यही पैग़ाम है कि अल्लाह के हुक्मों की खिलाफ़त से बचें और अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल करें, क्योंकि इसमें ही हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
📜 आयत 11-15 — अश-शम्स
अनुवाद — अश-शम्स 13
सूरा अश-शम्स आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा…सूरा आयत 13/15 — अश-शम्स الشمس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शम्स सुनें, अश-शम्स अनुवाद, अश-शम्स mp3, अश-शम्स pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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