अश-शम्स · 13/15
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शम्स
فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ نَاقَةَ اللَّهِ وَسُقْيَاهَا ۝١٣
Faqaala lahum Rasoolul laahi naaqatal laahi wa suqiyaahaa
📖 हिंदी अर्थ
तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा की ऊँटनी और उसके पानी पीने से तअर्रुज़ न करना

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • नَاقَةَ اللهِ: अल्लाह की ऊँटनी (जो चमत्कार के रूप में पत्थर से निकाली गई थी)
  • سُقْيَاهَا: उसका पानी पीना (अर्थात उसके पानी पीने के दिन का सम्मान करना)

तफ़सीर:

जब समूद की क़ौम ने अपनी सारी हदें पार कर दीं और अपने नबी को झुठलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, तो अल्लाह ने उन्हें एक बड़ा चमत्कार दिखाया — एक ऊँटनी जो पत्थर से निकाली गई। यह ऊँटनी अल्लाह की निशानी थी, जो नबी सालिह अलैहिस्सलाम की सच्चाई का सबूत थी।

इस आयत में अल्लाह तआला बताता है कि अल्लाह के रसूल सालिह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम से कहा: "अल्लाह की ऊँटनी को (नुक़सान पहुँचाने) से बचो, और उसके पानी पीने (के दिन) का ख़्याल रखो।" यानी उन्होंने साफ़ चेतावनी दी कि इस ऊँटनी को कोई नुक़सान न पहुँचाए, न उसे मारे और न उसके पानी पीने में रुकावट डाले। क्योंकि उसका एक दिन पानी पीने का था और उनके लिए एक अलग दिन था।

यह नबी सालिह अलैहिस्सलाम की शफ़्क़त और रहमत का सबूत है कि उन्होंने अपनी क़ौम को बार-बार समझाया, डराया और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचाने की कोशिश की। वे चाहते थे कि उनकी क़ौम ईमान ले आए और अल्लाह की निशानी का सम्मान करे।

इस आयत से हमें सबक मिलता है कि अल्लाह के नबियों की पुकार हमेशा रहमत और भलाई पर आधारित होती है। वे अपनी उम्मत की भलाई चाहते हैं और उन्हें उन चीज़ों से रोकते हैं जो उनके लिए तबाही का सबब बन सकती हैं। अल्लाह की निशानियों का सम्मान करना और उनके हुक्मों की पैरवी करना ही हमारी कामयाबी की कुंजी है।

आज भी हमारे लिए यही पैग़ाम है कि अल्लाह के हुक्मों की खिलाफ़त से बचें और अपने नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल करें, क्योंकि इसमें ही हमारी दुनिया और आख़िरत की भलाई है।



📜 आयत 11-15 — सूरा अश-शम्स

11كَذَّبَتْ ثَمُودُ بِطَغْوَاهَا
क़ौम मसूद ने अपनी सरकशी से (सालेह पैग़म्बर को) झुठलाया,
12إِذِ انبَعَثَ أَشْقَاهَا
जब उनमें का एक बड़ा बदबख्त उठ खड़ा हुआ
13فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ نَاقَةَ اللَّهِ وَسُقْيَاهَا
तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा की ऊँटनी और उसके पानी पीने से तअर्रुज़ न करना
14فَكَذَّبُوهُ فَعَقَرُوهَا فَدَمْدَمَ عَلَيْهِمْ رَبُّهُم بِذَنبِهِمْ فَسَوَّاهَا
मगर उन लोगों पैग़म्बर को झुठलाया और उसकी कूँचे काट डाली तो ख़ुदा ने उनके गुनाहों सबब से उन पर अज़ाब नाज़िल किया फिर (हलाक करके) बराबर कर दिया
15وَلَا يَخَافُ عُقْبَاهَا
और उसको उनके बदले का कोई ख़ौफ तो है नहीं
अश-शम्सकुरान सूची
15आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अश-शम्स 13

सूरा अश-शम्स आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा के रसूल (सालेह) ने उनसे कहा कि ख़ुदा…

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Wednesday, September 30, 2026

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