अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَفْسٍ: आत्मा, मानवीय रूह।
- مَا سَوَّاهَا: उसे (आत्मा को) सही और समान रूप से बनाया, उसकी रचना को अच्छी तरह से संतुलित और व्यवस्थित किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में आत्मा की क़सम खाई है और उसकी उस रचना की क़सम खाई है जिसमें उसे पूर्ण संतुलन और व्यवस्था दी गई। यहाँ "نَفْسٍ" का उल्लेख अनिश्चित रूप में किया गया है, जो सभी आत्माओं को शामिल करता है — चाहे वे नेक हों या बुरी, सभी मानवीय आत्माएँ। अल्लाह ने हर आत्मा को एक विशेष प्रकृति, क्षमताएँ, और झुकाव के साथ पैदा किया, और उसे अच्छाई और बुराई दोनों को पहचानने की शक्ति दी। यह रचना अत्यंत सटीक और उद्देश्यपूर्ण है — न कोई कमी, न कोई अतिशयता। आत्मा को अच्छाई की ओर जाने की ताकत दी गई और बुराई से बचने की समझ भी। यह क़सम इसलिए खाई गई ताकि इंसान समझे कि उसकी आत्मा की यह संतुलित रचना एक महान नियामत है, और उसे इसका सही उपयोग करना चाहिए।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी आत्मा अल्लाह की सबसे बड़ी नेमतों में से एक है। जिस अल्लाह ने हमें इतनी अच्छी तरह से बनाया, उसने हमें अकेला नहीं छोड़ा — उसने हमें राह दिखाई, हमारे अंदर अच्छे और बुरे की पहचान रखी। यह हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है कि हमारी आत्मा को इतनी उच्च क्षमता दी गई है। हमें चाहिए कि हम अपनी इस आत्मा को गुनाहों से पाक रखें, उसे अच्छाई से आबाद करें, और अपने रब की इबादत में लगाएँ। जब हम अपनी आत्मा को पवित्र रखेंगे, तो हम दुनिया में सुकून पाएँगे और आख़िरत में कामयाब होंगे। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की मुहब्बत और उसकी रहमत तक पहुँचाता है।
📜 आयत 5-9 — अश-शम्स
अनुवाद — अश-शम्स 7
सूरा अश-शम्स आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जान की और जिसने उसे दुरूस्त कियासूरा आयत 7/15 — अश-शम्स الشمس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शम्स सुनें, अश-शम्स अनुवाद, अश-शम्स mp3, अश-शम्स pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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