अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَنقَضَ: बोझ से दबकर कमर टूटने के क़रीब हो जाना, या ऐसा भारी बोझ जिससे रीढ़ की हड्डी चरमरा उठे।
- ظَهْرَكَ: तुम्हारी पीठ (कमर)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ पर डाले गए उस भारी बोझ का ज़िक्र कर रहे हैं, जिसे उठाना आपके लिए अत्यंत कठिन था। यह बोझ था—रिसालत (पैग़म्बरी) की ज़िम्मेदारी, दीन की दावत, और उस मुश्किल दौर में लोगों की तरफ़ से मिलने वाली तकलीफ़ें और अज़िय्यतें। यह बोझ इतना ग्रंथित था कि गोया आपकी कमर को तोड़ रहा हो। अल्लाह ने इस आयत में फ़रमाया कि हमने आपका यह बोझ उतार दिया—यानी आपको वह ताक़त, सब्र, हिम्मत और दिल की फ़राग़त अता की जो इस ज़िम्मेदारी को उठाने के लिए ज़रूरी थी, और आपको हर मुश्किल में नुसरत (मदद) दी।
यह अल्लाह का बड़ा एहसान है कि उसने अपने नबी का बोझ हल्का किया और उन्हें वह मर्तबा दिया जो किसी और को नहीं मिला। इस आयत में एक बड़ी तसल्ली और दिलासा है—हर दावत-ए-दीन देने वाले, हर नेक काम करने वाले के लिए कि अल्लाह अपने बंदों का बोझ हल्का करता है, जब वे उसकी राह में मेहनत करते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अल्लाह के दीन की ख़िदमत करता है और उसकी राह में मुश्किलें उठाता है, तो अल्लाह उसे अकेला नहीं छोड़ता। वह उसका बोझ हल्का करता है, उसके दिल को सुकून देता है और उसके कदमों को मज़बूत करता है। अल्लाह अपने नबी ﷺ के साथ था, और आज भी वह उन लोगों के साथ है जो सच्चे दिल से उसकी राह में चलते हैं। यह हमारे लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है कि अल्लाह की मदद हर मुसीबत के साथ है, और वह हमारी कमज़ोरियों को अपनी ताक़त से बदल देता है। आओ, हम भी अपने दिलों को अल्लाह की तरफ़ मोड़ें और उस पर भरोसा रखें—वह हमारे बोझ भी हल्का करेगा और हमें इज़्ज़त देगा।
📜 आयत 1-5 — अश-शरह
अनुवाद — अश-शरह 3
सूरा अश-शरह आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थीसूरा आयत 3/8 — अश-शरह الشرح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शरह सुनें, अश-शरह अनुवाद, अश-शरह mp3, अश-शरह pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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