Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَحْكَمِ: सबसे अधिक न्याय करने वाला, सबसे बुद्धिमानी से फैसला करने वाला।
- الْحَاكِمِينَ: हुक्म करने वालों में, फैसला करने वालों में।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने बंदों से एक ऐसा सवाल पूछ रहा है जो उनके दिलों को जगा दे और उन्हें यक़ीन दिला दे कि यह दुनिया बेकार नहीं बनाई गई। अल्लाह फ़रमाता है: "क्या अल्लाह सबसे बड़ा हाकिम और सबसे अच्छा फैसला करने वाला नहीं है?" यानी जिस अल्लाह ने इस कायनात को बनाया, जिसने इंसान को सबसे अच्छी सूरत में पैदा किया, उसे अक्ल और समझ दी, और उसे अच्छे और बुरे की पहचान दी — क्या वह यूँ ही सब कुछ छोड़ देगा? क्या वह इंसानों के बीच इंसाफ़ नहीं करेगा?
बिल्कुल नहीं! अल्लाह तआला सबसे बड़ा हाकिम है। उसका फैसला सबसे अदल (न्यायपूर्ण) है, उसकी हिकमत (बुद्धिमत्ता) सबसे बेहतरीन है। वह कभी ज़ुल्म नहीं करता और न ही किसी के साथ नाइंसाफ़ी करता है। यह दुनिया इम्तिहान की जगह है, और क़यामत का दिन उस इम्तिहान का नतीजा है। जिस दिन अल्लाह हर इंसान के साथ पूरा इंसाफ़ करेगा — नेक लोगों को उनकी नेकी का बदला देगा और बुरे लोगों को उनकी बुराई की सज़ा। यह अल्लाह की हिकमत का तक़ाज़ा है कि वह अपने बंदों को यूँ ही न छोड़े, बल्कि उनके आमाल का हिसाब ले।
अगर ऐसा न होता कि क़यामत का दिन आता और अल्लाह हिसाब लेता, तो यह दुनिया बेहद नाइंसाफ़ी से भरी होती। ज़ालिम अपने ज़ुल्म में कामयाब हो जाता, और मज़लूम को कभी इंसाफ़ न मिलता। लेकिन अल्लाह की हिकमत इससे बालातर है। उसने क़यामत का दिन इसलिए मुक़र्रर किया ताकि हर इंसान को उसके किए का पूरा-पूरा बदला मिले।
और यही अल्लाह की सबसे बड़ी रहमत और अदल है। वह सबसे अच्छा हाकिम है, क्योंकि उसका हुक्म किसी की मदद या रिश्तेदारी से प्रभावित नहीं होता। वह सब कुछ जानता है, हर दिल का हाल जानता है, हर नीयत से वाक़िफ़ है। उसका फैसला पूरी तरह इंसाफ़ पर होता है, और उसकी हिकमत में कोई कमी नहीं।
तो ऐ इंसान! तू इस बात पर यक़ीन रख। तेरा रब सबसे बड़ा हाकिम है। वह तेरे साथ कभी ज़ुल्म नहीं करेगा। तू जो भी अच्छा काम करता है, वह उसे देख रहा है। और जो बुराई करता है, वह उसे भी जानता है। क़यामत के दिन सब कुछ सामने आ जाएगा। इसलिए अपनी ज़िंदगी को अच्छे आमाल से भर ले, क्योंकि अल्लाह का फैसला सबसे बेहतर है और उसका इंसाफ़ कभी नाकाम नहीं होता।
यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखो, उसकी रहमत से उम्मीद रखो, और उसके अज़ाब से डरो। वही सबसे बड़ा हाकिम है, और उसका हुक्म सबसे ऊपर है।
📜 आयत 6-8 — सूरा अत-तीन
अनुवाद — अत-तीन 8
सूरा अत-तीन आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)सूरा आयत 8/8 — सूरा अत-तीन التين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तीन सुनें, सूरा अत-तीन अनुवाद, सूरा अत-तीन mp3, सूरा अत-तीन pdf. आयत 6–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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