अत-तीन · 7/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तीन
فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ ۝٧
Fama yu kaz zibuka b`adu bid deen
📖 हिंदी अर्थ
तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُكَذِّبُكَ – आपको झुठलाए / आपके झुठलाने का कारण
  • بَعْدُ – इन सब स्पष्ट प्रमाणों के बाद भी
  • بِالدِّينِ – प्रतिफल (बदला) के दिन, हिसाब-किताब और जज़ा (बदले) के दिन को

व्याख्या:

ऐ इंसान! जब तूने अपनी आँखों से अल्लाह की कुदरत के वे नज़ारे देखे — अंजीर और ज़ैतून की बरकत, तूर-ए-सीनाई की पवित्रता, और अम्न वाली बस्ती (मक्का) की हिफ़ाज़त — और जब तूने यह भी जान लिया कि अल्लाह ने इंसान को बेहतरीन सूरत में पैदा किया, फिर उसे पलटकर सबसे निचले दर्जे पर ले जाने की ताक़त रखता है, तो फिर ऐ इंसान! कौन सी चीज़ तुझे उस दिन को झुठलाने पर उभारती है, जब सारे इंसान ज़िंदा होकर उठेंगे और अपने कर्मों का हिसाब देंगे?

क्या अल्लाह की कुदरत के ये नज़ारे और ये सबूत काफ़ी नहीं कि तू यक़ीन कर ले कि जिसने पहली बार पैदा किया, वह दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है? जो इंसान इतने साफ़ और रौशन दलीलों के बाद भी क़ियामत के दिन को नहीं मानता, वह सिर्फ़ अपनी हठधर्मी और अक़्ल को दरकिनार करने की वजह से झुठलाता है।

यह आयत इंसान को प्यार भरे अंदाज़ में चेतावनी देती है कि ऐ नादान इंसान! तू अपनी उस आँख से जो हर रोज़ अल्लाह की कुदरत के नज़ारे देखती है, उस दिन को कैसे नकार सकता है? क्या तूने कभी सोचा है कि जो ज़मीन सूखी पड़ी है, वही बारिश के बाद हरी-भरी हो जाती है? यही क़ुदरत उन हड्डियों को भी ज़िंदा कर सकती है जो मिट्टी में मिल चुकी हैं।

तो ऐ इंसान! इस दीन (हिसाब और जज़ा) पर ईमान ला, क्योंकि यही तेरी फ़ितरत है, और यही तेरे लिए बेहतरीन है। जो लोग इस दिन को मानते हैं, वे नेकी पर चलते हैं और बुराई से बचते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि उनका रब उन्हें देख रहा है और हर अच्छे-बुरे काम का हिसाब होगा। यही ईमान इंसान को सच्ची राह दिखाता है और उसे उस मुक़ाम तक पहुँचाता है जहाँ उसे कभी नाकामी नहीं मिलती।

अल्लाह हम सबको सच्चे दिल से इस दिन पर ईमान लाने और उसके लिए अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 5-8 — सूरा अत-तीन

5ثُمَّ رَدَدْنَاهُ أَسْفَلَ سَافِلِينَ
फिर हमने उसे (बूढ़ा करके रफ्ता रफ्ता) पस्त से पस्त हालत की तरफ फेर दिया
6إِلَّا الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ فَلَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍ
मगर जो लोग ईमान लाए और अच्छे (अच्छे) काम करते रहे उनके लिए तो बे इन्तेहा अज्र व सवाब है
7فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعْدُ بِالدِّينِ
तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा के बारे में कौन झुठला सकता है
8أَلَيْسَ اللَّهُ بِأَحْكَمِ الْحَاكِمِينَ
क्या ख़ुदा सबसे बड़ा हाकिम नहीं है (हाँ ज़रूर है)
अत-तीनकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अत-तीन 7

सूरा अत-तीन आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो (ऐ रसूल) इन दलीलों के बाद तुमको (रोज़े) जज़ा…

सूरा आयत 7/8 — सूरा अत-तीन التين (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अत-तीन सुनें, सूरा अत-तीन अनुवाद, सूरा अत-तीन mp3, सूरा अत-तीन pdf. आयत 5–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Tuesday, September 29, 2026

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