अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَنَزَّلُ: उतरती हैं, अवतरित होती हैं।
- الْمَلَائِكَةُ: फ़रिश्ते।
- وَالرُّوحُ: यानी जिब्रील अलैहिस्सलाम।
- بِإِذْنِ رَبِّهِم: अपने रब की आज्ञा से।
- مِّن كُلِّ أَمْرٍ: हर उस मामले के साथ जो उस साल में निर्धारित किया गया है।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि लैलतुल क़द्र (शब-ए-क़द्र) की रात को फ़रिश्ते और जिब्रील अलैहिस्सलाम बड़ी संख्या में उतरते हैं। यह उतरना उनके रब की आज्ञा से होता है, और वे उस रात हर उस मामले को लेकर उतरते हैं जो अल्लाह ने उस साल के लिए तय किया है — चाहे वह रिज़्क़ (आजीविका) हो, मौत हो, जन्म हो, या कोई और तक़दीर का फ़ैसला हो। यानी उस रात अल्लाह तआला अपने फ़रिश्तों को हुक्म देता है कि वे उतरें और उस साल के सभी मामलों को लिखें और अंजाम दें।
यह रात कितनी बड़ी और मुबारक है कि आसमानों के फ़रिश्ते, जो हमेशा अल्लाह की इबादत में मशग़ूल रहते हैं, वे भी उस रात ज़मीन की तरफ़ उतरते हैं। और सबसे अफ़ज़ल फ़रिश्ता जिब्रील अलैहिस्सलाम, जो वही (प्रकाशना) लाने वाले हैं, वह भी उस रात उतरते हैं। यह उतरना अल्लाह की इजाज़त से होता है, क्योंकि कोई भी उसकी इजाज़त के बिना कुछ नहीं कर सकता।
इस आयत से हमें यह समझने को मिलता है कि लैलतुल क़द्र की रात अल्लाह के करीब होने का, उससे दुआ माँगने का और इबादत करने का बेहतरीन मौक़ा है। जब फ़रिश्ते उस रात ज़मीन पर उतरते हैं, तो वे मोमिनों के लिए दुआएँ करते हैं, उनके लिए रहमत और बरकत की दुआ माँगते हैं। यह रात हमारे लिए एक बेशक़ीमती तोहफ़ा है — अगर हम इसे इबादत में गुज़ारें, तो हमारे गुनाह माफ़ हो सकते हैं और हमारी तक़दीर में भलाई लिखी जा सकती है।
प्यारे मुसलमान भाइयों और बहनों! यह रात साल में सिर्फ़ एक बार आती है। अल्लाह ने इसे हज़ार महीनों से बेहतर बनाया है। इस रात की इबादत का सवाब 83 साल से ज़्यादा की इबादत के बराबर है। तो आइए, हम इस रात को ग़फ़लत में न गुज़ारें, बल्कि नमाज़, क़ुरआन की तिलावत, ज़िक्र और दुआ में बिताएँ। अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी माँगें, अपने माता-पिता, भाई-बहनों और पूरी उम्मत के लिए दुआ करें। यह रात हमारे लिए जन्नत का दरवाज़ा खोलने का ज़रिया बन सकती है — अगर हम इसे समझकर इस्तेमाल करें। अल्लाह हम सबको इस रात की बरकतें नसीब फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 2-5 — अल-क़द्र
अनुवाद — अल-क़द्र 4
सूरा अल-क़द्र आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर…सूरा आयत 4/5 — अल-क़द्र القدر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-क़द्र सुनें, अल-क़द्र अनुवाद, अल-क़द्र mp3, अल-क़द्र pdf. आयत 2–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, August 19, 2026
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