Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَتَاعٌ: थोड़ा सा सांसारिक सुख-सामग्री, अस्थायी लाभ।
- مَرْجِعُهُمْ: उनका लौटना, उनका अंतिम पड़ाव।
- نُذِيقُهُمُ: हम उन्हें चखाएँगे (यानी दंड का स्वाद देंगे)।
- الْعَذَابَ الشَّدِيدَ: सख्त और भयंकर यातना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अल्लाह पर झूठ बोलते हैं, उसकी आयतों को झुठलाते हैं और पैग़म्बरों को नकारते हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि ये लोग जो कुछ भी दुनिया में पा रहे हैं—चाहे वह धन-दौलत हो, ऐशो-आराम हो या सुख-सुविधाएँ—यह सब केवल एक बहुत ही थोड़ा और अस्थायी सामान है। यह उनका हिस्सा है जो उन्हें दुनिया में मिल गया, लेकिन यह कभी स्थायी नहीं है। जब उनकी मौत का वक़्त आएगा, तो उन्हें इस दुनिया से जाना होगा, और उनका असली और अंतिम पड़ाव हमारी ओर है। यानी मरने के बाद वे हमारे सामने हाज़िर होंगे।
फिर उसके बाद, क़यामत के दिन, हम उन्हें सख्त से सख्त अज़ाब चखाएँगे—जो कि जहन्नम की आग और उसकी तकलीफ़ें हैं। यह सज़ा उन्हें इसलिए मिलेगी क्योंकि उन्होंने कुफ़्र किया, यानी अल्लाह को नहीं माना, उसके रसूलों को झुठलाया और उसकी आयतों का इनकार किया। यह अज़ाब उनके उसी कुफ़्र और इनकार का नतीजा है, जो उन्होंने दुनिया में किया।
फ़ायदे (सबक):
- दुनिया की चीज़ें और सुख-सुविधाएँ बहुत ही कम और फ़ानी हैं। इन पर घमंड करना या इन्हें ही सब कुछ समझ लेना बड़ी नादानी है, क्योंकि ये चंद रोज़ की चीज़ हैं।
- हर इंसान को एक दिन मरना है और अपने रब के सामने हाज़िर होना है। यह यक़ीन इंसान को सही रास्ते पर चलने और गुनाहों से बचने की ताक़त देता है।
- कुफ़्र और इनकार की सज़ा बहुत सख्त है। अल्लाह की आयतों और उसके रसूलों को झुठलाना इंसान को जहन्नम तक पहुँचा सकता है। इसलिए हमें अपने ईमान की हिफ़ाज़त करनी चाहिए और अल्लाह की हर नेमत का शुक्र अदा करना चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि असली कामयाबी दुनिया के अस्थायी सुखों में नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और उसके दीन पर साबित क़दम रहने में है। जो लोग दुनिया में अल्लाह को भूलकर अपनी ख्वाहिशों के पीछे भागते हैं, वे आख़िरत में बड़े नुक़सान में होंगे।
📜 आयत 68-72 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 70
सूरा यूनुस आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये) दुनिया के (चन्द रोज़ा) फायदे हैं फिर तो आख़िर…सूरा आयत 70/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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