अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَفْتَرُونَ: झूठ गढ़ना, बदनामी करना, झूठी बातें बनाना।
- الْكَذِبَ: झूठ, असत्य।
- يُفْلِحُونَ: सफल होना, कामयाबी पाना, अपने लक्ष्य को प्राप्त करना।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन लोगों से कह दीजिए कि जो लोग अल्लाह पर झूठ गढ़ते हैं—जैसे यह कहना कि अल्लाह की कोई संतान है, या उसका कोई साझीदार है, या उसके बारे में कोई और झूठी बात फैलाते हैं—वे कभी सफल नहीं हो सकते। उनका यह काम उन्हें न तो दुनिया में कोई असली कामयाबी दे सकता है और न ही आख़िरत में। वे चाहे कितना भी दिखावा कर लें या अपनी बातों को सच साबित करने की कोशिश कर लें, लेकिन अल्लाह की पकड़ और उसकी सज़ा से वे बच नहीं सकते। उनका अंजाम नुकसान और बर्बादी के सिवा कुछ नहीं है, क्योंकि सच्चाई के खिलाफ झूठ को अपनाने वाला कभी फलता-फूलता नहीं।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि सच्चाई और ईमानदारी ही कामयाबी की कुंजी है। जो लोग अल्लाह के बारे में झूठी बातें फैलाते हैं, वे चाहे दुनिया में कुछ भी हासिल कर लें, लेकिन असली सफलता उन्हें कभी नसीब नहीं होती।
- यह आयत हमें अल्लाह की पाक ज़ात के बारे में सही अक़ीदा रखने की तरबियत देती है—कि अल्लाह हर कमी और दोष से पाक है, उसकी कोई संतान नहीं, कोई साझीदार नहीं। यही तौहीद (एकेश्वरवाद) हमारी नजात का ज़रिया है।
- इससे हमें यह भी पता चलता है कि झूठ और बदनामी—चाहे वह अल्लाह के बारे में हो या इंसानों के बारे में—कभी भी भलाई का ज़रिया नहीं बन सकती। सच्चाई पर चलने वाला ही दिल को सुकून और आख़िरत में कामयाबी पाता है।
- आयत में "لاَ يُفْلِحُونَ" का इस्तेमाल एक चेतावनी है कि अल्लाह की नज़र में वही कामयाब है जो उसके हुक्मों पर चले और उसकी इबादत में किसी को शरीक न करे। यह हमें अपने अक़ीदे की पवित्रता बनाए रखने की तरग़ीब देती है।
📜 आयत 67-71 — यूनुस
अनुवाद — यूनुस 69
सूरा यूनुस आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ रसूल तुम कह दो कि बेशक जो लोग झूठ…सूरा आयत 69/109 — यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूनुस सुनें, यूनुस अनुवाद, यूनुस mp3, यूनुस pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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