Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَكَذَّبُوهُ: उन्होंने उसे (नूह अलैहिस्सलाम को) झुठलाया।
- الْفُلْكِ: नौका (जहाज़)।
- خَلَائِفَ: (ज़मीन में) उत्तराधिकारी, पिछले लोगों की जगह लेने वाले।
- أَغْرَقْنَا: हमने डुबो दिया।
- الْمُنذَرِينَ: वे लोग जिन्हें (अल्लाह के अज़ाब से) डराया गया था।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब नूह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को अल्लाह का पैग़ाम पहुँचाया और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया, तो उनकी क़ौम ने उन्हें झुठलाने पर अड़ी रही और उनकी नसीहत को क़बूल नहीं किया। उन्होंने नूह अलैहिस्सलाम की दावत को नकार दिया और ईमान लाने से इनकार कर दिया। तब अल्लाह ने अपने नबी की दुआ क़बूल की और उन्हें तथा उनके साथ नौका में सवार ईमानवालों को बचा लिया। अल्लाह ने उन्हें ज़मीन में पिछले लोगों का उत्तराधिकारी बनाया, यानी उन्हें ज़मीन पर आबाद किया और उन्हें वहाँ रहने का अधिकार दिया। जिन लोगों ने अल्लाह की आयतों (निशानियों) को झुठलाया था, उन्हें अल्लाह ने तूफ़ान (सैलाब) में डुबोकर हलाक कर दिया। यहाँ अल्लाह अपने नबी मुहम्मद ﷺ को सम्बोधित करते हुए कहता है कि आप देखें कि उन लोगों का अंजाम कैसा हुआ जिन्हें नूह अलैहिस्सलाम ने अल्लाह के अज़ाब से डराया था, लेकिन उन्होंने न माना और सत्य को झुठलाया। उनका अंत तबाही और विनाश के सिवा कुछ नहीं था।
फ़ायदे (सबक़):
- यह आयत बताती है कि अल्लाह अपने नबियों की हमेशा मदद करता है और उन्हें काफ़िरों के नुक़सान से बचाता है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उन्हें अल्लाह कभी अकेला नहीं छोड़ता।
- सत्य को झुठलाने वालों का अंजाम हमेशा बुरा होता है, चाहे वे कितने भी ताक़तवर क्यों न हों। अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है।
- इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो नबियों के पैग़ाम को सुनकर भी उसे नकारते हैं। अल्लाह का अज़ाब उन पर नाज़िल होता है, जबकि ईमानवालों को नजात (मुक्ति) मिलती है।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि मुश्किलों में अल्लाह से दुआ करनी चाहिए और उसी पर भरोसा रखना चाहिए। नूह अलैहिस्सलाम ने सैकड़ों साल तक दावत दी, लेकिन जब अल्लाह का हुक्म आया, तो उन्होंने तुरंत उसकी पैरवी की और अल्लाह ने उन्हें बचा लिया।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की आयतों (निशानियों) को झुठलाना सबसे बड़ा गुनाह है, और इसका अंजाम दुनिया और आख़िरत दोनों में बुरा है।
📜 आयत 71-75 — सूरा यूनुस
अनुवाद — यूनुस 73
सूरा यूनुस आयत 73 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उस पर भी उन लोगों ने उनको झुठलाया तो हमने…सूरा आयत 73/109 — सूरा यूनुस يونس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूनुस सुनें, सूरा यूनुस अनुवाद, सूरा यूनुस mp3, सूरा यूनुस pdf. आयत 71–75. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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