अल-आदियात · 11/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आदियात
إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّخَبِيرٌ ۝١١
Inna rabbahum bihim yauma `izil la khabeer
📖 हिंदी अर्थ
बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ख़बीर (خبير): अर्थात पूर्ण जानकार रखने वाला, हर छोटी-बड़ी बात से अवगत, जिससे कोई भी बात छिपी न हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि निस्संदेह उनका रब उस दिन (क़ियामत के दिन) उनके बारे में पूर्ण रूप से जानकार होगा। यानी जिस दिन सारे इंसान अपने कर्मों का हिसाब देने के लिए खड़े होंगे, उस दिन अल्लाह को उनके हर अमल, हर नीयत और हर छुपी हुई बात का पूरा इल्म होगा। उससे कोई भी चीज़ छिपी नहीं होगी—ना उनके अच्छे कर्म, ना बुरे कर्म, ना उनके दिलों के राज़।

अल्लाह तआला हमेशा से ही अपने बंदों के बारे में ख़बर रखने वाला है, लेकिन यहाँ विशेष रूप से "उस दिन" का ज़िक्र इसलिए किया गया है क्योंकि वह दिन बदला और जज़ा (प्रतिफल) का दिन होगा। उस दिन अल्लाह अपनी पूर्ण जानकारी के आधार पर हर इंसान को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। यह एक सख्त चेतावनी है कि जो लोग दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी करते हैं, माल और दौलत की मोहब्बत में अंधे हो जाते हैं, और यह समझते हैं कि उनके कर्मों का कोई हिसाब नहीं होगा, उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह उनके हर काम को देख रहा है और एक दिन वह सब कुछ सामने ला खड़ा करेगा।

दावती पहलू:

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी खुशखबरी और साथ ही एक गंभीर चेतावनी देती है। खुशखबरी यह कि हमारा रब हमसे पूरी तरह वाकिफ है—वह हमारी मेहनत, हमारी नेकियों, हमारी छुपी हुई मददों और हमारी छोटी-से-छोटी भलाई को जानता है और उसका बदला देने वाला है। कोई भी नेक काम रद्द नहीं होगा, चाहे वह कितना ही छोटा क्यों न हो। वहीं चेतावनी यह है कि हमारे बुरे कर्म भी उससे छिपे नहीं हैं, और उनका हिसाब भी होगा।

तो आओ, हम अपनी ज़िंदगी को इसी नज़रिए से गुज़ारें कि अल्लाह हमें देख रहा है, हमारे दिलों के राज़ जानता है, और एक दिन हमें अपने सामने पेश होना है। यही वह यक़ीन है जो इंसान को नेकी पर चलाता है और गुनाह से बचाता है। अल्लाह तआला हम सबको इस यक़ीन के साथ जीने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 9-11 — सूरा अल-आदियात

9۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِي الْقُبُورِ
तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे
10وَحُصِّلَ مَا فِي الصُّدُورِ
और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे
11إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّخَبِيرٌ
बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा
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अनुवाद — अल-आदियात 11

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Friday, October 2, 2026

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