अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَإِنَّهُ: और निस्संदेह वह (इंसान)
- عَلَى ذَٰلِكَ: उस पर (यानी कृतघ्नता और भलाई रोकने पर)
- لَشَهِيدٌ: अवश्य ही गवाह है, स्वयं अपने ऊपर साक्षी है
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इंसान अपने रब की नेमतों का अत्यधिक कृतघ्न (नाशुक्रा) है, और यह बात कोई छिपी हुई नहीं है। इंसान स्वयं अपने ऊपर गवाह है कि वह भलाई को रोकता है, ख़ैर के रास्ते में आड़े आता है, और अपने रब के एहसानों से मुँह मोड़ता है। यह गवाही इतनी स्पष्ट और प्रत्यक्ष है कि इंसान उसे झुठला नहीं सकता, क्योंकि उसका अपना कर्म, उसकी अपनी ज़ुबान, उसके अपने अंग — सब उसके ख़िलाफ़ गवाही देते हैं।
जब इंसान अपने आचरण, अपने व्यवहार और अपनी हरकतों से यह साबित कर देता है कि वह अल्लाह की नेमतों का इनकार करता है और भलाई को रोकता है, तो फिर उसके लिए कोई बहाना नहीं बचता। वह चाहे जितना भी मुँह से मना करे, उसकी अपनी हालत उसके ख़िलाफ़ सबसे बड़ी गवाह है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें आत्म-निरीक्षण (मुहासबा) की सीख देती है। हमें चाहिए कि अपने अंदर झाँकें और देखें कि क्या हम भी उन लोगों में से हैं जो अल्लाह की नेमतों को भूलकर कृतघ्नता दिखाते हैं? क्या हम भी उन लोगों में से हैं जो भलाई के कामों से कंजूसी करते हैं? अल्लाह तआला हमें इतनी नेमतें देता है — स्वास्थ्य, धन, परिवार, सुख-शांति — लेकिन हम उसके शुक्र में कितने कमतर होते हैं!
याद रखिए! जिस दिन हमारे अंग हमारे ख़िलाफ़ गवाही देंगे, उस दिन हमारे पास कोई जवाब नहीं होगा। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को संवार लें, अल्लाह के शुक्रगुज़ार बनें, और भलाई के रास्ते में खुलकर ख़र्च करें। अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत करता है और उन्हें माफ़ करने वाला है। उसकी रहमत की कोई हद नहीं — बस ज़रूरत है सच्चे दिल से तौबा करने और अपने रब की तरफ़ पलटने की।
📜 आयत 5-9 — अल-आदियात
अनुवाद — अल-आदियात 7
सूरा अल-आदियात आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ हैसूरा आयत 7/11 — अल-आदियात العاديات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आदियात सुनें, अल-आदियात अनुवाद, अल-आदियात mp3, अल-आदियात pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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