हूद · 98/123
अनुवाद उच्चारण — हूद
يَقْدُمُ قَوْمَهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَأَوْرَدَهُمُ النَّارَ ۖ وَبِئْسَ الْوِرْدُ الْمَوْرُودُ ۝٩٨
Yaqdumu qawmahoo Yawmal Qiyaamati fa awrada humun Naara wa bi`sal wirdul mawrood
📖 हिंदी अर्थ
क़यामत के दिन वह अपनी क़ौम के आगे आगे चलेगा और उनको दोज़ख़ में ले जाकर झोंक देगा और ये लोग किस क़दर बड़े घाट उतारे गए

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَقْدُمُ: आगे-आगे चलना, नेतृत्व करना।
  • فَأَوْرَدَهُمُ: उन्हें पहुँचाया, प्रवेश कराया।
  • الْوِرْدُ: वह स्थान जहाँ पानी पीने के लिए पहुँचा जाता है, यहाँ आग का स्थान।
  • الْمَوْرُودُ: वह स्थान जहाँ पहुँचाया गया।

तफ़सीर (व्याख्या):

फ़िरऔन (फ़िराऊन) जो अपनी ज़िन्दगी में अपनी क़ौम का नेता और रहनुमा था, वही क़ियामत के दिन भी अपनी क़ौम के आगे-आगे चलेगा, लेकिन इस बार वह उन्हें किसी भलाई की ओर नहीं, बल्कि सीधे जहन्नम की आग में ले जाएगा। वह उन्हें उस भयानक आग में प्रवेश कराएगा, जहाँ पहुँचना और जिसमें जाना अत्यंत बुरा और घृणित है। यह वही फ़िरऔन है जिसने दुनिया में अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें अल्लाह की राह से रोका, और अब क़ियामत के दिन वह उन्हें जहन्नम की ओर ले जाएगा। यह उसका सबसे बड़ा धोखा और सबसे बुरा नेतृत्व होगा। जिस तरह दुनिया में वह उन्हें गुमराही की राह पर ले गया, उसी तरह आख़िरत में भी वह उन्हें अज़ाब की राह पर ले जाएगा। याद रखिए, यह वही फ़िरऔन है जिसने मूसा (अलैहिस्सलाम) की दावत को ठुकराया और अपनी क़ौम को भी उस पर ईमान लाने से रोका, इसलिए अब उसकी सज़ा यह है कि वह अपनी क़ौम के साथ जहन्नम में जाए और उन्हें भी वहाँ ले जाए।

फ़ायदे (सबक़):

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि नेता और रहनुमा की ज़िम्मेदारी बहुत बड़ी है। जो लोग दुनिया में लोगों को गुमराह करते हैं, वे क़ियामत के दिन भी अपने पीछे चलने वालों के साथ होंगे और उन्हें बुरी जगह ले जाएँगे।
  2. यह आयत हमें सावधान करती है कि हम अपने नेताओं, उस्तादों और रहनुमाओं को अच्छी तरह पहचानें, क्योंकि दुनिया में उनकी پیروی का अंजाम आख़िरत में भी उनके साथ होगा।
  3. यहाँ से हमें यह भी सीख मिलती है कि सिर्फ़ दुनिया में कामयाब होना काफ़ी नहीं है, बल्कि असली कामयाबी यह है कि हम अल्लाह और उसके रसूल की राह पर चलें, ताकि आख़िरत में हमारा अंजाम अच्छा हो।
  4. यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि जो लोग दूसरों को गुमराह करते हैं, उनका अंजाम कितना बुरा होगा। इसलिए हमें हमेशा अच्छाई की तरफ़ बुलाने वाला और नेक राह दिखाने वाला बनना चाहिए।


📜 आयत 96-100 — हूद

96وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا مُوسَىٰ بِآيَاتِنَا وَسُلْطَانٍ مُّبِينٍ
और बेशक हमने मूसा को अपनी निशानियाँ और रौशन दलील देकर
97إِلَىٰ فِرْعَوْنَ وَمَلَئِهِ فَاتَّبَعُوا أَمْرَ فِرْعَوْنَ ۖ وَمَا أَمْرُ فِرْعَوْنَ بِرَشِيدٍ
फिरऔन और उसके अम्र (सरदारों) के पास (पैग़म्बर बना कर) भेजा तो लोगों ने फिरऔन ही का हुक्म मान लिया (और मूसा की एक न सुनी) हालॉकि फिरऔन का हुक्म कुछ जॅचा समझा हुआ न था
98يَقْدُمُ قَوْمَهُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ فَأَوْرَدَهُمُ النَّارَ ۖ وَبِئْسَ الْوِرْدُ الْمَوْرُودُ
क़यामत के दिन वह अपनी क़ौम के आगे आगे चलेगा और उनको दोज़ख़ में ले जाकर झोंक देगा और ये लोग किस क़दर बड़े घाट उतारे गए
99وَأُتْبِعُوا فِي هَٰذِهِ لَعْنَةً وَيَوْمَ الْقِيَامَةِ ۚ بِئْسَ الرِّفْدُ الْمَرْفُودُ
और (इस दुनिया) में भी लानत उनके पीछे पीछे लगा दी गई और क़यामत के दिन भी (लगी रहेगी) क्या बुरा इनाम है जो उन्हें मिला
100ذَٰلِكَ مِنْ أَنبَاءِ الْقُرَىٰ نَقُصُّهُ عَلَيْكَ ۖ مِنْهَا قَائِمٌ وَحَصِيدٌ
(ऐ रसूल) ये चन्द बस्तियों के हालात हैं जो हम तुम से बयान करते हैं उनमें से बाज़ तो (उस वक्त तक) क़ायम हैं और बाज़ का तहस नहस हो गया
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अनुवाद — हूद 98

सूरा हूद आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क़यामत के दिन वह अपनी क़ौम के आगे आगे चलेगा…

सूरा आयत 98/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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