अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَيْأَسَ: निराश हो जाना, आशा छोड़ देना।
- ظَنُّوا: यहाँ इसका अर्थ है "निश्चित जान लेना" या "यक़ीन कर लेना"।
- كُذِبُوا: झुठलाए जाना (अर्थात् उनसे झूठ बोला गया या उन्हें झुठलाया गया)।
- بَأْسُنَا: हमारी यातना, हमारा कठोर दंड।
तफ़सीर (व्याख्या):
हे नबी! आप उन लोगों के लिए जल्दबाज़ी न करें जो आपको झुठला रहे हैं। अल्लाह की यही सुन्नत (रीति) रही है कि वह अपने रसूलों की मदद को कुछ देर के लिए टालता है, क्योंकि उसमें एक गहरी हिकमत (बुद्धिमत्ता) होती है। जब रसूल अपनी क़ौम से पूरी तरह निराश हो जाते हैं और उन्हें यक़ीन हो जाता है कि उनकी क़ौम ने उन्हें झुठला दिया है और अब उनके ईमान लाने की कोई उम्मीद नहीं बची, और साथ ही काफ़िर यह समझने लगते हैं कि रसूलों ने जो सज़ा की धमकी दी थी वह झूठ थी, ठीक उसी सबसे कठिन समय में अल्लाह की मदद आती है। तब अल्लाह अपने रसूलों और उन पर ईमान लाने वालों को बचा लेता है, और जब अल्लाह की यातना आती है तो उसे किसी भी अपराधी क़ौम से टाला नहीं जा सकता। यह उन लोगों के लिए एक बड़ी तसल्ली है जो अल्लाह के रास्ते में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- अल्लाह की मदद में देरी उसकी हिकमत का हिस्सा है; वह सही समय पर ही मदद भेजता है, चाहे वह कितना भी देर से क्यों न आए। यह मुसलमानों को सब्र और भरोसे की शिक्षा देता है।
- यह आयत बताती है कि सबसे बड़ी मुश्किल के समय में ही अल्लाह की मदद आती है, इसलिए निराश होना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
- अल्लाह की यातना से बचना असंभव है जब वह किसी ज़ालिम क़ौम पर आती है, इसलिए इंसान को अपने कर्मों की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचना चाहिए।
- यह आयत नबी ﷺ और उनके साथियों के लिए एक बड़ी तसल्ली है कि जिस तरह पिछले रसूलों को सब्र का फल मिला, उसी तरह उन्हें भी अल्लाह की मदद ज़रूर मिलेगी।
📜 आयत 108-111 — यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 110
सूरा यूसुफ आयत 110 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पहले के पैग़म्बरो ने तबलीग़े रिसालत यहाँ वक कि जब…सूरा आयत 110/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 108–111. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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