Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَيَّارَةٌ (सय्यारा): यात्रियों का क़ाफ़िला या कारवाँ।
- وَارِدَهُمْ (वारिदहुम): उनका पानी लाने वाला व्यक्ति, जो पानी के स्रोत पर जाता है।
- فَأَدْلَىٰ (फ़अद्ला): उसने अपनी डोल (बाल्टी) लटकाई।
- يَا بُشْرَىٰ (या बुशरा): "मेरी ख़ुशख़बरी!" — यह खुशी का उद्गार है।
- وَأَسَرُّوهُ (व असर्रूहु): उन्होंने उसे छिपा लिया।
- بِضَاعَةً (बिदा'अतन): व्यापार का माल या सौदा।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को उनके भाइयों ने अंधेरे कुएँ में डाल दिया, तो अल्लाह ने उनकी हिफ़ाज़त का इंतज़ाम किया। कुछ समय बाद वहाँ से एक क़ाफ़िला गुज़रा। उन्होंने अपने पानी लाने वाले आदमी को पानी लाने के लिए भेजा। उसने अपनी बाल्टी कुएँ में लटकाई, तो यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) उस बाल्टी से चिमट गए। जब उसने बाल्टी खींची और देखा कि एक ख़ूबसूरत बच्चा उससे लिपटा हुआ है, तो वह खुशी से चिल्ला उठा: "वाह! क्या ख़ुशख़बरी है! यह तो एक लड़का है!"
उस आदमी और उसके साथियों ने यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) को बाक़ी क़ाफ़िले वालों से छिपा लिया, ताकि वे इस "कीमती माल" में उनके साथी न बनें। उन्होंने कहा कि यह हमारा व्यापारिक सामान (बिदा'अत) है जो हमें मिला है, और उन्होंने उसे मिस्र में बेचने का इरादा किया। कुछ रिवायात में आता है कि यूसuf़ के भाइयों ने भी आकर कहा कि यह हमारा भागा हुआ ग़ुलाम है, और उन्होंने उसे थोड़े से दामों पर बेच दिया। यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) ने डर के मारे कुछ नहीं कहा, क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं उन्हें मार न दिया जाए।
अल्लाह तआला को उन सबकी चालों और साज़िशों का पूरा इल्म था। वह जानता था कि ये लोग यूसuf़ के साथ क्या कर रहे हैं, और उसकी यही निगरानी और हिफ़ाज़त यूसuf़ के भविष्य की सफलता का ज़रिया बनी।
फ़ायदे (सबक़ और नसीहतें):
- अल्लाह की हिफ़ाज़त: जब इंसान अल्लाह पर भरोसा करता है, तो अल्लाह उसे ऐसे रास्तों से निकालता है जिनका उसे अंदाज़ा भी नहीं होता। यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) अंधेरे कुएँ में थे, लेकिन अल्लाह ने उनके लिए क़ाफ़िले का रास्ता बनाया।
- मुसीबत में सब्र: यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) ने कुएँ में डाले जाने के बाद भी सब्र किया और अल्लाह पर भरोसा रखा। इसका नतीजा यह हुआ कि अल्लाह ने उन्हें ऊँचा मुक़ाम अता किया।
- अल्लाह का इल्म: अल्लाह को हर चीज़ का इल्म है — चाहे वो छिपी हो या खुली। लोगों की साज़िशें और चालें अल्लाह से छिपी नहीं हैं, और वह सही वक़्त पर अपना फ़ैसला सुनाता है।
- दुनिया की बेहक़ीक़त: यह घटना हमें सिखाती है कि दुनिया के लोग किसी को "माल" या "सौदा" समझ सकते हैं, लेकिन अल्लाह की नज़र में हर इंसान इज़्ज़त वाला है। हमें किसी को नीची नज़र से नहीं देखना चाहिए।
- अल्लाह की तदबीर: इंसान चाहे जितनी चालें चले, अल्लाह की तदबीर (योजना) सबसे ऊपर होती है। यूसuf़ (अलैहिस्सलाम) की कहानी का हर पहलू इसी हक़ीक़त की गवाही देता है।
📜 आयत 17-21 — सूरा यूसुफ
अनुवाद — यूसुफ 19
सूरा यूसुफ आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ख़ुदा की शान देखो) एक काफ़ला (वहाँ) आकर उतरा…सूरा आयत 19/111 — सूरा यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यूसुफ सुनें, सूरा यूसुफ अनुवाद, सूरा यूसुफ mp3, सूरा यूसुफ pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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