यूसुफ · 21/111
अनुवाद उच्चारण — यूसुफ
وَقَالَ الَّذِي اشْتَرَاهُ مِن مِّصْرَ لِامْرَأَتِهِ أَكْرِمِي مَثْوَاهُ عَسَىٰ أَن يَنفَعَنَا أَوْ نَتَّخِذَهُ وَلَدًا ۚ وَكَذَٰلِكَ مَكَّنَّا لِيُوسُفَ فِي الْأَرْضِ وَلِنُعَلِّمَهُ مِن تَأْوِيلِ الْأَحَادِيثِ ۚ وَاللَّهُ غَالِبٌ عَلَىٰ أَمْرِهِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ ۝٢١
Wa qaalal lazish taraahu mim Misra limra atiheee akrimee maswaahu `asaaa any-yanfa`anaaa aw nattakhizahoo waladaa; wa kazaalika mak-kannaa li-Yoosufa fil ardi wa linu`allimahoo min taaweelil ahaadees; wallaahu ghaalibun `alaaa amrihee wa laakinna aksaran naasi laa ya`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
(यूसुफ को लेकर मिस्र पहुँचे और वहाँ उसे बड़े नफे में बेच डाला) और मिस्र के लोगों से (अज़ीजे मिस्र) जिसने (उनको ख़रीदा था अपनी बीवी (ज़ुलेख़ा) से कहने लगा इसको इज्ज़त व आबरु से रखो अजब नहीं ये हमें कुछ नफा पहुँचाए या (शायद) इसको अपना बेटा ही बना लें और यू हमने यूसुफ को मुल्क (मिस्र) में (जगह देकर) क़ाबिज़ बनाया और ग़रज़ ये थी कि हमने उसे ख्वाब की बातों की ताबीर सिखायी और ख़ुदा तो अपने काम पर (हर तरह के) ग़ालिब व क़ादिर है मगर बहुतेरे लोग (उसको) नहीं जानते

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَكْرِمِي مَثْوَاهُ: उसके ठहरने की जगह का सम्मान करो, उसके साथ अच्छा व्यवहार करो।
  • مَكَّنَّا: हमने स्थान दिया, अधिकार दिया, स्थापित किया।
  • تَأْوِيلِ الْأَحَادِيثِ: सपनों के अर्थ और घटनाओं के परिणाम को समझना।

विस्तृत व्याख्या:

जब क़ाफ़िला (यात्री) यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को मिस्र ले गया, तो वहाँ के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति ने, जो मिस्र का अज़ीज़ (प्रधान अधिकारी) था, उन्हें खरीद लिया। उसने अपनी पत्नी (ज़ुलैखा) से कहा: "इस युवक के साथ अच्छा व्यवहार करना और उसके रहने की जगह को सम्मानजनक बनाना। हो सकता है कि वह हमें कोई लाभ पहुँचाए, या हम उसे अपना बेटा ही बना लें।" यह इसलिए था क्योंकि अज़ीज़ की कोई संतान नहीं थी, और उसने यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) में भलाई और सफलता के लक्षण देखे थे।

फिर अल्लाह तआला ने बताया कि जिस प्रकार हमने यूसुफ़ को कुएँ से निकाला, उनके भाइयों के षड्यंत्र से बचाया, और अज़ीज़ के दिल में उनके प्रति प्रेम और सम्मान डाला, उसी प्रकार हमने यूसुफ़ को मिस्र की धरती पर अधिकार और स्थान प्रदान किया। यह सब इसलिए था ताकि हम उन्हें सपनों के अर्थ और घटनाओं के परिणाम की व्याख्या सिखाएँ। यह एक महान ज्ञान था जो अल्लाह ने उन्हें दिया।

अल्लाह तआला अपने आदेश और योजना पर पूर्ण रूप से प्रभावी है। उसकी इच्छा के आगे कोई शक्ति नहीं चल सकती, और कोई उसके फैसले को रोक नहीं सकता। लेकिन अधिकांश लोग इस सत्य को नहीं जानते कि सारा मामला अल्लाह के हाथ में है, और वही जो चाहता है, करता है।


शिक्षाएँ और लाभ:

  1. अच्छे व्यवहार की बरकत: अज़ीज़ ने यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के साथ अच्छा व्यवहार किया, और यही अच्छा व्यवहार उसके लिए बरकत का कारण बना। यह सिखाता है कि दूसरों के साथ अच्छा व्यवहार करना कभी बेकार नहीं जाता, चाहे वह किसी भी स्थिति में हो।
  2. अल्लाह की योजना सर्वोपरि: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को कुएँ में डाला गया, बेचा गया, लेकिन अल्लाह की योजना ने उन्हें मिस्र का अधिकारी बना दिया। यह हमें सिखाता है कि मुसीबतों के पीछे अल्लाह की कोई बेहतर योजना होती है, और हमें उस पर भरोसा रखना चाहिए।
  3. ज्ञान की महत्ता: अल्लाह ने यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) को सपनों की व्याख्या का ज्ञान दिया, जो बाद में उनके उत्थान का कारण बना। यह दिखाता है कि ज्ञान एक महान नेमत है, और इसे हासिल करने का प्रयास करना चाहिए।
  4. अल्लाह पर भरोसा: जब सारे दरवाज़े बंद लगें, तो याद रखें कि अल्लाह सभी दरवाज़े खोल सकता है। उसका आदेश सब पर प्रभावी है, और वही सब कुछ कर सकता है।
  5. दयालुता और क्षमा: यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) की कहानी हमें सिखाती है कि कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, दयालुता और अच्छे आचरण को नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अंत में अल्लाह नेक लोगों की मदद करता है।


📜 आयत 19-23 — यूसुफ

19وَجَاءَتْ سَيَّارَةٌ فَأَرْسَلُوا وَارِدَهُمْ فَأَدْلَىٰ دَلْوَهُ ۖ قَالَ يَا بُشْرَىٰ هَٰذَا غُلَامٌ ۚ وَأَسَرُّوهُ بِضَاعَةً ۚ وَاللَّهُ عَلِيمٌ بِمَا يَعْمَلُونَ
और (ख़ुदा की शान देखो) एक काफ़ला (वहाँ) आकर उतरा उन लोगों ने अपने सक्के (पानी भरने वाले) को (पानी भरने) भेजा ग़रज़ उसने अपना डोल डाला ही था (कि यूसुफ उसमें बैठे और उसने ख़ीचा तो निकल आए) वह पुकारा आहा ये तो लड़का है और काफला वालो ने यूसुफ को क़ीमती सरमाया समझकर छिपा रखा हालॉकि जो कुछ ये लोग करते थे ख़ुदा उससे ख़ूब वाकिफ था
20وَشَرَوْهُ بِثَمَنٍ بَخْسٍ دَرَاهِمَ مَعْدُودَةٍ وَكَانُوا فِيهِ مِنَ الزَّاهِدِينَ
(जब यूसुफ के भाइयों को ख़बर लगी तो आ पहुँचे और उनको अपना ग़ुलाम बताया और उन लोगों ने यूसुफ को गिनती के खोटे चन्द दरहम (बहुत थोड़े दाम पर बेच डाला) और वह लोग तो यूसुफ से बेज़ार हो ही रहे थे
21وَقَالَ الَّذِي اشْتَرَاهُ مِن مِّصْرَ لِامْرَأَتِهِ أَكْرِمِي مَثْوَاهُ عَسَىٰ أَن يَنفَعَنَا أَوْ نَتَّخِذَهُ وَلَدًا ۚ وَكَذَٰلِكَ مَكَّنَّا لِيُوسُفَ فِي الْأَرْضِ وَلِنُعَلِّمَهُ مِن تَأْوِيلِ الْأَحَادِيثِ ۚ وَاللَّهُ غَالِبٌ عَلَىٰ أَمْرِهِ وَلَٰكِنَّ أَكْثَرَ النَّاسِ لَا يَعْلَمُونَ
(यूसुफ को लेकर मिस्र पहुँचे और वहाँ उसे बड़े नफे में बेच डाला) और मिस्र के लोगों से (अज़ीजे मिस्र) जिसने (उनको ख़रीदा था अपनी बीवी (ज़ुलेख़ा) से कहने लगा इसको इज्ज़त व आबरु से रखो अजब नहीं ये हमें कुछ नफा पहुँचाए या (शायद) इसको अपना बेटा ही बना लें और यू हमने यूसुफ को मुल्क (मिस्र) में (जगह देकर) क़ाबिज़ बनाया और ग़रज़ ये थी कि हमने उसे ख्वाब की बातों की ताबीर सिखायी और ख़ुदा तो अपने काम पर (हर तरह के) ग़ालिब व क़ादिर है मगर बहुतेरे लोग (उसको) नहीं जानते
22وَلَمَّا بَلَغَ أَشُدَّهُ آتَيْنَاهُ حُكْمًا وَعِلْمًا ۚ وَكَذَٰلِكَ نَجْزِي الْمُحْسِنِينَ
और जब यूसुफ अपनी जवानी को पहुँचे तो हमने उनको हुक्म (नुबूवत) और इल्म अता किया और नेकी कारों को हम यूँ ही बदला दिया करते हैं
23وَرَاوَدَتْهُ الَّتِي هُوَ فِي بَيْتِهَا عَن نَّفْسِهِ وَغَلَّقَتِ الْأَبْوَابَ وَقَالَتْ هَيْتَ لَكَ ۚ قَالَ مَعَاذَ اللَّهِ ۖ إِنَّهُ رَبِّي أَحْسَنَ مَثْوَايَ ۖ إِنَّهُ لَا يُفْلِحُ الظَّالِمُونَ
और जिस औरत ज़ुलेखा के घर में यूसुफ रहते थे उसने अपने (नाजायज़) मतलब हासिल करने के लिए ख़ुद उनसे आरज़ू की और सब दरवाज़े बन्द कर दिए और (बे ताना) कहने लगी लो आओ यूसुफ ने कहा माज़अल्लाह वह (तुम्हारे मियाँ) मेरा मालिक हैं उन्होंने मुझे अच्छी तरह रखा है मै ऐसा ज़ुल्म क्यों कर सकता हूँ बेशक ऐसा ज़ुल्म करने वाले फलाह नहीं पाते
यूसुफकुरान सूची
111आयत
मक्कीRevelation
21आयत

अनुवाद — यूसुफ 21

सूरा यूसुफ आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यूसुफ को लेकर मिस्र पहुँचे और वहाँ उसे बड़े नफे…

सूरा आयत 21/111 — यूसुफ يوسف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: यूसुफ सुनें, यूसुफ अनुवाद, यूसुफ mp3, यूसुफ pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए