Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَسَرَّ الْقَوْلَ: बात को चुपके से कहना, दिल में छिपाना।
- جَهَرَ بِهِ: बात को खुलेआम और ऊँची आवाज़ में कहना।
- مُسْتَخْفٍ بِاللَّيْلِ: रात के अंधेरे में छिपने वाला, जो अपने कामों को लोगों की नज़रों से छिपाए।
- سَارِبٌ بِالنَّهَارِ: दिन में खुलेआम चलने-फिरने वाला, अपने कामों को प्रकट करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला का इल्म हर चीज़ को घेरे हुए है। उसके ज्ञान में कोई फर्क नहीं कि कोई बात चुपके से की जाए या खुलेआम। जो व्यक्ति रात के अंधेरे में अपने कामों को छिपाता है, और जो दिन की रोशनी में अपने कामों को प्रकट करता है, अल्लाह के इल्म में दोनों बिल्कुल बराबर हैं। वह हर एक के दिल के राज़, हर एक की छिपी हुई नीयत और हर एक के ज़ाहिरी अमल से पूरी तरह वाकिफ है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का इल्म हर समय, हर जगह और हर हालत में हमारे साथ है। रात का अंधेरा, दिन की रोशनी, एकांत की चुप्पी या भीड़ का शोर — कुछ भी अल्लाह के इल्म से बाहर नहीं है। जो व्यक्ति रात में छिपकर कोई बुरा काम करता है, वह समझता है कि कोई उसे नहीं देख रहा, लेकिन अल्लाह उसे देख रहा है। और जो दिन में अच्छे काम करता है, अल्लाह उसके अच्छे कामों को भी जानता है और उसका अज्र (इनाम) उसे ज़रूर देगा।
यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की निगरानी का एहसास हमें हर वक़्त अपने दिल में रखना चाहिए। जब हमें यकीन होगा कि अल्लाह हमारी हर छोटी-बड़ी बात, हर छिपे और खुले अमल को देख रहा है, तो हम गुनाहों से बचेंगे और नेक कामों की तरफ बढ़ेंगे। यही ईमान की निशानी है कि इंसान अल्लाह की निगरानी को हर वक़्त महसूस करे।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने अंदर और बाहर दोनों को सुधारना चाहिए। जो हम छिपाकर करते हैं और जो खुलेआम करते हैं, दोनों अल्लाह के सामने हैं। इसलिए हमें अपनी नीयत को साफ रखना चाहिए और अपने अमल को अच्छा बनाना चाहिए। अल्लाह हर अच्छे काम का बदला देगा और हर बुरे काम का हिसाब लेगा। यह सोच हमें गुनाहों से दूर रखती है और नेकी की तरफ ले जाती है।
📜 आयत 8-12 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 10
सूरा अर-राद आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम लोगों में जो कोई चुपके से बात कहे और…सूरा आयत 10/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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