अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَالِمُ الْغَيْبِ: वह (अल्लाह) जो छिपी हुई चीज़ों को जानता है, जो आँखों से ओझल हैं।
- وَالشَّهَادَةِ: और जो प्रत्यक्ष और देखी जाने वाली चीज़ें हैं।
- الْكَبِيرُ: महान, जिसकी ज़ात, नाम और सिफ़ात (गुण) सबसे बड़े हैं।
- الْمُتَعَالِ: सर्वोच्च, जो अपनी मख़लूक़ (सृष्टि) से बिल्कुल ऊपर और बरतर है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत अल्लाह तआला की ज़ात के उन गुणों को बयान करती है जो हमारे ईमान की बुनियाद हैं। अल्लाह तआला उस हर चीज़ का इल्म रखता है जो हमारी निगाहों से छिपी है—चाहे वह ज़मीन की गहराइयों में हो, आसमानों की बुलंदियों में, दिलों के राज़ हों या भविष्य के हादसे। साथ ही वह उस हर चीज़ को भी जानता है जो हमारे सामने प्रत्यक्ष है, जिसे हम देखते और महसूस करते हैं। उसके इल्म से कोई चीज़ छोटी या बड़ी, छिपी या खुली, पोशीदा या आश्कारा—कुछ भी बाहर नहीं है।
वह الْكَبِيرُ (महान) है—उसकी ज़ात, उसके नाम और उसकी सिफ़ात सबसे बड़ी हैं। उसकी महानता के आगे हर चीज़ छोटी और हक़ीर है। वह الْمُتَعَالِ (सर्वोच्च) है—अपनी ज़ात, अपनी क़ुदरत और अपने ग़लबे (प्रभुत्व) के साथ अपनी सारी मख़लूक़ से ऊपर है। वह मख़लूक़ की सिफ़ात से पाक है, और उन झूठी बातों से भी पाक है जो मुशरिकीन उसके बारे में कहते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमारा रब हर चीज़ पर निगरान रखने वाला है। जब हमें यक़ीन हो जाए कि अल्लाह हमारे छिपे और खुले हर अमल को जानता है, तो हमारे दिल में उसकी मोहब्बत और ख़ौफ़ दोनों पैदा होते हैं। यही ईमान हमें गुनाहों से रोकता है और नेकी की तरफ़ रग़बत देता है। अल्लाह की महानता और सर्वोच्चता पर ग़ौर करने से इंसान का दिल उसके सामने झुक जाता है, और वह अपनी ज़िंदगी को उसकी रज़ा के मुताबिक़ ढालने की कोशिश करता है। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की कामयाबी और आख़िरत की नजात तक पहुँचाता है।
📜 आयत 7-11 — अर-राद
अनुवाद — अर-राद 9
सूरा अर-राद आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (वही) बातिन (छुपे हुवे) व ज़ाहिर का जानने वाला (सब…सूरा आयत 9/43 — अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-राद सुनें, अर-राद अनुवाद, अर-राद mp3, अर-राद pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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