अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَتَوَكَّلَ (हम भरोसा करें): अल्लाह पर पूर्ण भरोसा और एतिमाद करना, उसी पर अपने सारे मामलों को सौंप देना।
- سُبُلَنَا (हमारे रास्ते): हिदायत के रास्ते, यानी नेकी और नजात (मुक्ति) के स्पष्ट मार्ग।
- آذَيْتُمُونَا (तुमने हमें सताया): तकलीफ़ देना, बुरा कहना, मज़ाक उड़ाना, या शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन मोमिनों का क़ौल (कथन) है जिन्होंने अल्लाह के दीन को क़बूल किया और उसके रसूलों पर ईमान लाए। वे कह रहे हैं: "हमें कौन-सी रुकावट या बहाना है कि हम अल्लाह पर भरोसा न करें? जबकि उसी ने हमें सीधा रास्ता दिखाया है, हमें ज़ुल्म और गुमराही से निकालकर नजात और हिदायत के रास्ते पर चलाया है। जिसने हमें यह रास्ता दिखाया, क्या हम उस पर भरोसा न करें? बिल्कुल करें!"
फिर वे आगे कहते हैं: "और हम तुम्हारे द्वारा पहुँचाई जाने वाली तकलीफ़ों पर ज़रूर सब्र करेंगे। तुम चाहे हमें बुरा कहो, हमारा मज़ाक उड़ाओ, हमें शारीरिक या मानसिक रूप से सताओ, हम अपने दीन पर क़ायम रहेंगे और सब्र का दामन नहीं छोड़ेंगे। क्योंकि हमें यक़ीन है कि अल्लाह हमारे साथ है और वही हमारी मदद करेगा।"
आख़िर में वे यह घोषणा करते हैं: "और अल्लाह ही पर भरोसा करना चाहिए उन लोगों को जो सच्चे मोमिन हैं। जो लोग सच्चे मुतवक्किल (भरोसा करने वाले) हैं, उनका भरोसा सिर्फ अल्लाह पर होता है, किसी इंसान, किसी ताक़त या किसी सामान्य वजह पर नहीं। वे जानते हैं कि जीत और कामयाबी अल्लाह के हाथ में है, इसलिए वे उसी पर टिके रहते हैं।"
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह हमें हिदायत देता है, तो हमें उस पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। जीवन में मुश्किलें और तकलीफ़ें आएँगी, लेकिन मोमिन वही है जो सब्र करे और अल्लाह पर टिका रहे। याद रखिए, जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह उनके दुश्मनों के मुक़ाबले में उनकी मदद करता है और उन्हें कामयाबी देता है। आज हमें भी उसी भरोसे की ज़रूरत है — अपने कामों में, अपने रिश्तों में, अपनी पढ़ाई में, हर जगह अल्लाह पर भरोसा करें और सब्र के साथ आगे बढ़ें। यही सच्चे मोमिन की पहचान है, और यही रास्ता हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।
📜 आयत 10-14 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 12
सूरा इब्राहीम आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमें (आख़िर) क्या है कि हम उस पर भरोसा…सूरा आयत 12/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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