अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مِن وَرَائِهِ: उसके सामने (यहाँ "वरा" का अर्थ "आगे" या "सामने" लिया गया है, जैसा कि कुरआन की भाषा में यह शब्द कभी-कभी सामने के अर्थ में आता है)।
- جَهَنَّمُ: नरक, दोज़ख़।
- يُسْقَى: उसे पिलाया जाएगा।
- مَاءٍ صَدِيدٍ: बहता हुआ पीब और लहू (खून), जो जहन्नमियों के बदन से बहता है।
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उस सरकश और मुतकब्बिर इंसान के अंजाम का ज़िक्र कर रहा है, जो अल्लाह की आयतों को झुठलाता है और अपनी सरकशी में हद से गुज़र जाता है। उसके सामने (यानी उसके आगे, जहाँ उसे जाना है) जहन्नम है, जो उसके इंतज़ार में है। वह उसमें डाला जाएगा और वहाँ उसे पीने के लिए ऐसा पानी दिया जाएगा जो पीब और लहू (खून) का मिला हुआ हो — यानी जो चीज़ जहन्नम के लोगों के बदन से बहती है, वही उसे पिलाई जाएगी। यह पानी न उसकी प्यास बुझाएगा, न उसे कोई राहत देगा, बल्कि उसकी प्यास और बढ़ेगी और उसका अज़ाब और सख़्त होगा। यह उस शख़्स की सज़ा है जिसने दुनिया में अल्लाह की नेअमतों को ठुकराया और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इताअत से दूर रखा।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह की सज़ा से डरना चाहिए: यह आयत हमें बताती है कि जो लोग अल्लाह की आयतों को झुठलाते हैं और उसके हुक्म से मुँह मोड़ते हैं, उनका अंजाम बहुत भयानक है। इससे हमें अपने अमल की इस्लाह (सुधार) करनी चाहिए।
- नेअमतों की क़द्र करनी चाहिए: अल्लाह ने दुनिया में हमें साफ़-सुथरा पानी पीने को दिया, जो प्यास बुझाता है और ज़िंदगी बचाता है। अगर हम उसकी शुक्रगुज़ारी नहीं करेंगे, तो आख़िरत में हमें ऐसा पानी पीना पड़ेगा जो पीब और लहू होगा — यह सोचकर हमें अल्लाह की हर नेअमत पर शुक्र करना चाहिए।
- अहमियत आख़िरत की है: दुनिया की चंद रोज़ा ज़िंदगी को ही सब कुछ नहीं समझ लेना चाहिए। असली ज़िंदगी आख़िरत की है, और वहाँ का अज़ाब या इनाम हमेशा रहने वाला है। इसलिए हमें अपने हर अमल में आख़िरत को सामने रखना चाहिए।
- अल्लाह की रहमत की क़द्र: अल्लाह ने हमें इस्लाम और ईमान की नेअमत दी है, जिसके ज़रिए हम जहन्नम के अज़ाब से बच सकते हैं। यह हमारे लिए अल्लाह की सबसे बड़ी मेहरबानी है, और हमें इस पर हमेशा शुक्र अदा करना चाहिए और अपने ईमान को मज़बूत करते रहना चाहिए।
📜 आयत 14-18 — इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 16
सूरा इब्राहीम आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हर एक सरकश अदावत रखने वाला हलाक हुआ (ये…सूरा आयत 16/52 — इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: इब्राहीम सुनें, इब्राहीम अनुवाद, इब्राहीम mp3, इब्राहीम pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








