Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سَخَّرَ: वश में करना, अधीन करना, सेवा में लगाना।
- دَائِبَيْنِ: लगातार चलने वाले, कभी न रुकने वाले, अपने काम में निरंतर लगे रहने वाले।
- اللَّيْلَ وَالنَّهَارَ: रात और दिन, जो एक-दूसरे के बाद आते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने अपनी असीम कृपा और दया से सूर्य और चंद्रमा को तुम्हारे लिए वश में कर दिया है। ये दोनों अपनी गति में कभी आलस्य नहीं करते, बल्कि लगातार और नियमित रूप से चलते रहते हैं। सूर्य दिन में प्रकाश और गर्मी देता है, जिससे फसलें पकती हैं, मौसम बदलते हैं और जीवन के असंख्य कार्य संपन्न होते हैं। चंद्रमा रात में प्रकाश फैलाता है, जिससे अंधेरे में भी लोगों को राहत मिलती है और वे अपने काम कर सकते हैं। ये दोनों अपने नियत समय पर उगते और अस्त होते हैं, जिससे दिन-रात का हिसाब और महीनों-वर्षों का निर्धारण होता है।
इसी प्रकार, अल्लाह ने रात और दिन को भी तुम्हारे लिए वश में कर दिया है। रात को उसने अंधेरा और सुकून का समय बनाया, ताकि तुम उसमें आराम करो, अपनी थकान दूर करो और अपने शरीर को नई ऊर्जा मिले। दिन को उसने روشن और روشن बनाया, ताकि तुम उसमें अपनी रोज़ी-रोटी की तलाश करो, व्यापार करो, खेती करो, सीखो और जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करो। रात और दिन बारी-बारी से आते हैं—कभी दिन लंबा होता है और रात छोटी, कभी इसका उल्टा। यह बदलाव भी अल्लाह की रहमत है, जिससे मौसम बदलते हैं और जीवन के विभिन्न पहलू संतुलित रहते हैं।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की इस नेमत पर ग़ौर करना चाहिए कि उसने सूर्य, चंद्रमा, रात और दिन को हमारे लिए वश में कर रखा है। ये सब उसकी कुदरत के निशान हैं और हमें उसकी याद दिलाते हैं।
- इन नियमित चीज़ों से हमें सबक लेना चाहिए कि हम भी अपने जीवन में नियमितता और लगन अपनाएँ—इबादत में, काम में और अच्छे कामों में।
- रात और दिन के बदलाव से हमें यह समझना चाहिए कि जैसे ये बदलते हैं, वैसे ही हमारी ज़िंदगी के हालात भी बदलते रहते हैं। कठिनाई के बाद आसानी आती है, और रात के बाद सुबह ज़रूर होती है।
- यह आयत हमें अल्लाह का शुक्रिया अदा करना सिखाती है, क्योंकि उसने ये सब कुछ बिना किसी कीमत के हमारी सेवा में लगा दिया है। हमें चाहिए कि इन नेमतों का सही उपयोग करें और अल्लाह की इबादत में समय बिताएँ।
- सूर्य और चंद्रमा की नियमित गति हमें याद दिलाती है कि इस कायनात का एक नियंता है, जो सब कुछ अपनी हिकमत से चला रहा है। यह हमारे ईमान को मज़बूत करता है और हमें अल्लाह के करीब लाता है।
📜 आयत 31-35 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 33
सूरा इब्राहीम आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और सूरज और चाँद को तुम्हारा ताबेदार बना दिया कि…सूरा आयत 33/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


