अन-नहल · 8/128
अनुवाद उच्चारण — अन-नहल
وَالْخَيْلَ وَالْبِغَالَ وَالْحَمِيرَ لِتَرْكَبُوهَا وَزِينَةً ۚ وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ ۝٨
Walkhaila wal bighaala wal hameera litarkaboohaa wa zeenah; wa yakhluqu maa laa ta`lamoon
📖 हिंदी अर्थ
और (उसी ने) घोड़ों ख़च्चरों और गधों को (पैदा किया) ताकि तुम उन पर सवार हो और (इसमें) ज़ीनत (भी) है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْخَيْلَ: घोड़े
  • الْبِغَالَ: खच्चर (गधे और घोड़े की मिश्रित नस्ल)
  • الْحَمِيرَ: गधे
  • لِتَرْكَبُوهَا: ताकि तुम उन पर सवारी करो
  • وَزِينَةً: और सुंदरता/शोभा के लिए
  • وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ: और वह पैदा करता है जिसे तुम नहीं जानते

तफसीर:

अल्लाह तआला ने अपनी असीम कुदरत और बेपनाह रहमत से इंसानों के लिए घोड़े, खच्चर और गधे पैदा किए। ये जानवर इंसानों के लिए सवारी का ज़रिया हैं, जिन पर वे सफर करते हैं और अपना सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। साथ ही, ये जानवर इंसानों के लिए ज़ीनत और सुंदरता का सामान भी हैं—जब कोई व्यक्ति अच्छे घोड़े पर सवार होता है, तो वह लोगों के बीच एक अलग ही शान और इज़्ज़त पाता है। यह अल्लाह का एहसान है कि उसने इन जानवरों को इंसान के क़ाबू में कर दिया, वरना ये जंगली और खूँखार होते तो इंसान इन्हें कभी वश में नहीं कर पाता।

इसके बाद अल्लाह तआला फरमाता है कि वह ऐसी चीज़ें भी पैदा करता है जिन्हें तुम नहीं जानते। यानी अल्लाह की मख़लूक़ात का दायरा बहुत विशाल है—उसने तरह-तरह के जानवर, पक्षी, कीड़े-मकोड़े, समुद्री जीव और ऐसी अनगिनत मख़लूक़ात पैदा की हैं जिनका इल्म इंसान को नहीं है। आज के दौर में इंसान ने जो गाड़ियाँ, रेलगाड़ियाँ, हवाई जहाज़, जहाज़ और दूसरे सवारी के साधन ईजाद किए हैं, वे भी अल्लाह की उसी कुदरत का नतीजा हैं जिसने इंसान को अक्ल और समझ दी। और आगे भी अल्लाह ऐसी चीज़ें पैदा करेगा जिनका आज इंसान को गुमान भी नहीं है। यह बात इंसान के लिए अल्लाह की कुदरत पर ईमान लाने और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करने की दावत है।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह तआला की नेमतों पर ग़ौर करना इंसान के ईमान को मज़बूत करता है और उसके दिल में अल्लाह की मुहब्बत पैदा करता है। जब इंसान देखता है कि अल्लाह ने उसके लिए इतने जानवर और साधन पैदा किए हैं, तो उसका दिल शुक्र और एहसानमंदी से भर जाता है।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की मख़लूक़ात और उसकी कुदरत का इल्म बहुत विशाल है। इंसान को चाहिए कि वह अल्लाह की बनाई हुई चीज़ों पर ग़ौर करे, क्योंकि हर चीज़ में अल्लाह की कुदरत की निशानियाँ हैं।
  3. इस आयत में सवारी के जानवरों को ज़ीनत और सुंदरता के लिए भी बताया गया है, जिससे पता चलता है कि इस्लाम में अच्छी और पाकीज़ा चीज़ों का इस्तेमाल करना और उनसे ख़ुश होना जायज़ है, बशर्ते वह अल्लाह की दी हुई नेमतों का शुक्र अदा करे।
  4. अल्लाह का फरमान "وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ" हमें सिखाता है कि इंसान का इल्म बहुत सीमित है। अल्लाह की मख़लूक़ात में बहुत कुछ ऐसा है जिसे इंसान नहीं जानता। यह बात इंसान के दिल में अल्लाह के लिए अजमत और इज़्ज़त पैदा करती है और उसे अकड़ और घमंड से बचाती है।
🎧 सुनें

📜 आयत 6-10 — अन-नहल

6وَلَكُمْ فِيهَا جَمَالٌ حِينَ تُرِيحُونَ وَحِينَ تَسْرَحُونَ
इसके अलावा और भी फायदें हैं और उनमें से बाज़ को तुम खाते हो और जब तुम उन्हें सिरे शाम चराई पर से लाते हो जब सवेरे ही सवेरे चराई पर ले जाते हो
7وَتَحْمِلُ أَثْقَالَكُمْ إِلَىٰ بَلَدٍ لَّمْ تَكُونُوا بَالِغِيهِ إِلَّا بِشِقِّ الْأَنفُسِ ۚ إِنَّ رَبَّكُمْ لَرَءُوفٌ رَّحِيمٌ
तो उनकी वजह से तुम्हारी रौनक़ भी है और जिन शहरों तक बग़ैर बड़ी जान ज़ोख़म में डाले बगैर के पहुँच न सकते थे वहाँ तक ये चौपाए भी तुम्हारे बोझे भी उठा लिए फिरते हैं इसमें शक़ नहीं कि तुम्हारा परवरदिगार बड़ा शफीक़ मेहरबान है
8وَالْخَيْلَ وَالْبِغَالَ وَالْحَمِيرَ لِتَرْكَبُوهَا وَزِينَةً ۚ وَيَخْلُقُ مَا لَا تَعْلَمُونَ
और (उसी ने) घोड़ों ख़च्चरों और गधों को (पैदा किया) ताकि तुम उन पर सवार हो और (इसमें) ज़ीनत (भी) है
9وَعَلَى اللَّهِ قَصْدُ السَّبِيلِ وَمِنْهَا جَائِرٌ ۚ وَلَوْ شَاءَ لَهَدَاكُمْ أَجْمَعِينَ
(उसके अलावा) और चीज़े भी पैदा करेगा जिनको तुम नहीं जानते हो और (ख़ुश्क व तर में) सीधी राह (की हिदायत तो ख़ुदा ही के ज़िम्मे हैं और बाज़ रस्ते टेढे हैं
10هُوَ الَّذِي أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً ۖ لَّكُم مِّنْهُ شَرَابٌ وَمِنْهُ شَجَرٌ فِيهِ تُسِيمُونَ
और अगर ख़ुदा चाहता तो तुम सबको मज़िले मक़सूद तक पहुँचा देता वह वही (ख़ुदा) है जिसने आसमान से पानी बरसाया जिसमें से तुम सब पीते हो और इससे दरख्त शादाब होते हैं
अन-नहलकुरान सूची
128आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — अन-नहल 8

सूरा अन-नहल आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उसी ने) घोड़ों ख़च्चरों और गधों को (पैदा किया)…

सूरा आयत 8/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए