अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَصْدُ السَّبِيلِ: सीधा और सही मार्ग, जो मंज़िल तक पहुँचाए।
- جَائِرٌ: टेढ़ा, भटका हुआ, सत्य से हटा हुआ मार्ग।
- لَهَدَاكُمْ: वह तुम्हें मार्गदर्शन देता, हिदायत देता।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला का अपने बंदों पर यह अहसान और उसकी शान के लाज़िम है कि वह सीधा और सही रास्ता बयान करे, जो उसकी रज़ा और जन्नत तक पहुँचाता है — और वह इस्लाम का रास्ता है। यह रास्ता साफ़ और सीधा है, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं। इसके अलावा और भी रास्ते हैं, जो सत्य से भटके हुए हैं, जैसे शिर्क, कुफ्र और बिदअत के रास्ते — ये सब जाइर (टेढ़े) हैं, यानी अल्लाह की मंज़िल तक नहीं पहुँचाते। ये रास्ते शैतान के हैं, जो इंसान को गुमराह करते हैं।
अल्लाह ने यह भी बताया कि उसने इंसान को अक्ल और इख्तियार (स्वतंत्र इच्छा) दी है, और रसूल भेजकर सही रास्ता दिखा दिया है। अब यह इंसान पर है कि वह सीधे रास्ते पर चले या टेढ़े रास्ते को अपनाए। अगर अल्लाह चाहता, तो वह सबको जबरन हिदायत दे सकता था और कोई गुमराह न होता, लेकिन उसकी हिकमत (बुद्धि) ने यही माँगा कि इंसान को आज़माइश के लिए इख्तियार दिया जाए, ताकि उसकी परीक्षा हो — कौन सच्चे दिल से हिदायत क़बूल करता है और कौन उसे ठुकराता है। यह अल्लाह की रहमत और अदल (न्याय) का तकाज़ा है।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह ने अपनी रहमत से इंसान को बेहतरीन नेमत दी है — सीधे रास्ते का बयान, ताकि कोई बहाना न बना सके कि हमें रास्ता नहीं मालूम था।
- इस्लाम ही वह सच्चा और सीधा रास्ता है, जो इंसान को दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है। इसके अलावा हर रास्ता टेढ़ा और नुक़सानदेह है।
- अल्लाह ने इंसान को इख्तियार दिया है, इसलिए हमें अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए और अपनी मर्ज़ी से सही रास्ता चुनना चाहिए।
- यह आयत हमें अल्लाह का शुक्रगुज़ार बनाती है कि उसने हमें इस्लाम जैसी नेमत दी, और हमें चाहिए कि इस नेमत की क़द्र करें और उस पर साबित-क़दम रहें।
- अल्लाह की हिकमत पर भरोसा रखें — वह जो चाहता है, करता है, और उसका हर फ़ैसला हिकमत और भलाई पर आधारित है।
📜 आयत 7-11 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 9
सूरा अन-नहल आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (उसके अलावा) और चीज़े भी पैदा करेगा जिनको तुम नहीं…सूरा आयत 9/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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