Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَمُوجُ (यमूज): उथल-पुथल करना, इधर-उधर टकराना, बेचैन होकर लहरों की तरह हिलना।
- الصُّور (अस-सूर): वह नरसिंगा (सींग) जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे, जो क़ियामत की एक बड़ी निशानी है।
- فَجَمَعْنَاهُمْ جَمْعًا (फ़जम'नाहुम जम'अन): हमने सबको एक साथ इकट्ठा कर दिया, बिना किसी को छोड़े।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें उस वक्त की भयावह तस्वीर दिखाती है जब अल्लाह तआला का वादा पूरा होगा और या'जूज-मा'जूज (गोग और मागोग) की क़ैद से रिहाई होगी। उस दिन अल्लाह उन्हें इस हालत में छोड़ देगा कि वे अपनी बेहद तादाद की वजह से एक-दूसरे से टकराते और उथल-पुथल मचाते हुए निकलेंगे। वे समंदर की लहरों की तरह मौज करेंगे, हर तरफ फैल जाएँगे और ज़मीन पर तबाही मचा देंगे। यह उन लोगों के लिए एक अज़ीम इम्तिहान होगा जो उस वक्त ज़िंदा होंगे।
लेकिन यह सिर्फ़ शुरुआत है। इसके तुरंत बाद अल्लाह तआला फरमाते हैं कि "नफ़्ख़-ए-सूर" (सींग में फूँक) होगी। यह वह पल है जब पूरी कायनात दहल जाएगी, और हर ज़िंदा चीज़ मर जाएगी। फिर दूसरी फूँक के बाद सभी इंसान—पहले वाले और बाद वाले—अपनी क़ब्रों से उठ खड़े होंगे। अल्लाह तआला फरमाता है कि हमने उन सबको एक जगह इकट्ठा कर लिया, बिल्कुल बिना किसी कमी के। यह जमा होना महशर (हश्र के मैदान) में होगा, जहाँ हर इंसान से उसके अमल का हिसाब लिया जाएगा।
इस आयत में दो बड़ी निशानियाँ हैं: पहली या'जूज-मा'जूज का निकलना, और दूसरी क़ियामत का आना। यह हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी। जो लोग आज अल्लाह की नाफ़रमानी में मगन हैं, वे उस दिन पछताएँगे। लेकिन जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है। अल्लाह तआला ने अपने रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के ज़रिए हमें इन निशानियों से आगाह किया ताकि हम उस दिन के लिए तैयारी करें। यह आयत हमें दावत देती है कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ, तौबा करें, और उस दिन के हिसाब से पहले अपना हिसाब खुद कर लें। क़ियामत का दिन जितना भयानक है, उतना ही रहमत का दिन भी है—उनके लिए जो अल्लाह की रहमत के तले पनाह लें।
📜 आयत 97-101 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 99
सूरा अल-कहफ आयत 99 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम उस दिन (उन्हें उनकी हालत पर) छोड़ देंगे…सूरा आयत 99/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 97–101. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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