Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّدَّيْنِ (सद्दैन): दो पहाड़ या दो प्राकृतिक दीवारें जो आड़ बनती हैं।
- مِن دُونِهِمَا (मिन दूनिहिमा): उन दोनों (पहाड़ों) के पार या उनके सामने।
- لَا يَكَادُونَ يَفْقَهُونَ قَوْلًا (ला यकादूना यफ़्क़हूना क़ौला): वे लोग किसी की बात को मुश्किल से समझ पाते थे, यानी उनकी भाषा बिल्कुल अलग थी और वे दूसरों की बोली को लगभग नहीं समझते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत ज़ुल-क़रनैन अलैहिस्सलाम अपने सफ़र में पूर्व की ओर बढ़ते रहे, यहाँ तक कि वे दो विशाल पहाड़ों के बीच पहुँच गए। ये पहाड़ एक प्राकृतिक दीवार की तरह थे, जो दोनों ओर फैले हुए थे और उनके बीच एक संकरा रास्ता था। जब वे इस स्थान पर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि इन पहाड़ों के पार एक क़ौम (समुदाय) रहती है, जो बोलचाल की भाषा में बहुत कमज़ोर थी। वे लोग न तो दूसरों की बात अच्छी तरह समझ पाते थे और न ही अपनी बात स्पष्ट रूप से दूसरों को समझा पाते थे। उनकी भाषा बिल्कुल अलग और कठिन थी, जिससे आपसी संवाद में बड़ी दिक्कत होती थी।
यह दृश्य हमें सिखाता है कि अल्लाह ने दुनिया में अलग-अलग क़ौमें और भाषाएँ बनाई हैं, ताकि लोग एक-दूसरे को जानें-पहचानें और आपस में भलाई के कामों में सहयोग करें। हज़रत ज़ुल-क़रनैन ने इस कठिन परिस्थिति में भी हिम्मत नहीं हारी, बल्कि उन्होंने इन लोगों की मदद करने का फ़ैसला किया, जैसा कि आगे की आयातों में बयान होगा। यह हमारे लिए सबक़ है कि हमें हर हाल में दूसरों की भलाई के लिए आगे आना चाहिए, चाहे भाषा या संस्कृति का फ़र्क़ कितना ही बड़ा क्यों न हो। अल्लाह तआला ने ज़ुल-क़रनैन को यह शक्ति और अधिकार दिया था, और वे इसका इस्तेमाल इंसानियत की ख़िदमत में कर रहे थे। यही अल्लाह के नेक बंदों की पहचान है कि वे अपनी ताक़त और वरदानों को अल्लाह की मख़लूक़ (सृष्टि) की भलाई के लिए इस्तेमाल करते हैं। हमें भी चाहिए कि हम अपनी क्षमताओं का उपयोग समाज की भलाई और लोगों की मदद में करें, ताकि अल्लाह की रहमत और मदद हमारे साथ रहे।
📜 आयत 91-95 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 93
सूरा अल-कहफ आयत 93 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : यहाँ तक कि जब चलते-चलते रोम में एक पहाड़ के…सूरा आयत 93/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 91–95. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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