अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَأْجُوجَ وَمَأْجُوجَ (याजूज और माजूज): ये आदम (अलैहिस्सलाम) की औलाद में से दो बड़ी क़ौमें हैं।
- خَرْجًا (ख़राजन): इसका मतलब है जज़िया या माल जो उन्हें दिया जाता, यानी उन्हें मेहनताना या अदायगी।
- سَدًّا (सद्दन): यानी एक मज़बूत दीवार या रुकावट जो उनके और उन क़ौमों के बीच हो।
तफ़सीर:
जब ज़ुल-क़रनैन (जो एक नेक और ताक़तवर बादशाह थे) उस इलाक़े में पहुँचे, तो वहाँ के लोगों ने उनसे फ़रियाद की। उन्होंने कहा: "ऐ ज़ुल-क़रनैन! याजूज और माजूज दो ऐसी क़ौमें हैं जो ज़मीन में बहुत फ़साद फैलाती हैं। वे खेतियों को तबाह कर देती हैं, लोगों को क़त्ल करती हैं और उन्हें डरा-धमकाकर रखती हैं। वे हमारे लिए बड़ी मुसीबत बन चुकी हैं।" फिर उन्होंने अर्ज़ किया: "क्या हम आपके लिए ख़राज (माल) इकट्ठा कर दें, ताकि आप हमारे और उनके बीच एक मज़बूत दीवार बना दें जो हमें उनके शर से बचाए?"
यह लोग ज़ुल-क़रनैन की ताक़त, इंसाफ़ और अच्छी सल्तनत से वाक़िफ़ थे, इसलिए उन्होंने उनसे मदद माँगी और अपनी तरफ़ से माल देने की पेशकश की। यह उनके भरोसे और उम्मीद का इज़हार था कि ज़ुल-क़रनैन उनकी मदद कर सकते हैं।
इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि मुसीबत के वक़्त इंसान को अल्लाह के नेक बंदों से मदद माँगनी चाहिए, और जो लोग ताक़त और इख़्तियार रखते हैं, उन्हें चाहिए कि वे कमज़ोरों की हिफ़ाज़त करें और उनकी मदद के लिए आगे आएँ। यह भी सिखाता है कि अच्छे कामों के लिए माल ख़र्च करना कोई बुरी बात नहीं है, बल्कि यह नेकी और भलाई का ज़रिया है। ज़ुल-क़रनैन ने इस मदद को क़बूल किया, लेकिन उन्होंने उनके माल को अपने लिए नहीं रखा, बल्कि उसे उसी काम में लगाया जो उनके और लोगों के लिए निहायत मुफ़ीद था — यानी एक ऐसी दीवार बनाना जो फ़साद को रोके और अम्न-ओ-अमान क़ायम करे।
यह क़िस्सा हमें बताता है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को ऐसी ताक़त और हिकमत देता है जिससे वे लोगों की भलाई के लिए बड़े-बड़े काम कर सकते हैं। और जब इंसान अल्लाह की मदद से नेक काम करता है, तो अल्लाह उसे दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी अता करता है। हमें भी चाहिए कि जहाँ कहीं फ़साद और ज़ुल्म हो, वहाँ हम अपनी हैसियत के मुताबिक़ अच्छाई और इंसाफ़ के लिए खड़े हों, और अल्लाह से तौफ़ीक़ माँगें।
📜 आयत 92-96 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 94
सूरा अल-कहफ आयत 94 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों ने मुतरज्जिम के ज़रिए से अर्ज़ की ऐ…सूरा आयत 94/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 92–96. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








