अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- رَبِّي: मेरा पालनहार (जो मुझे पालता-पोसता है और मेरी देखभाल करता है)
- رَبُّكُمْ: तुम सबका पालनहार
- فَاعْبُدُوهُ: तो तुम उसी की इबादत करो (उसी की बंदगी करो)
- صِرَاطٌ مُّسْتَقِيمٌ: सीधा रास्ता (जिसमें कोई टेढ़ापन न हो)
तफसीर (व्याख्या):
हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम से कहा: "बेशक अल्लाह ही मेरा रब है और तुम्हारा रब भी।" यानी वही एकमात्र पालनहार है, जिसने मुझे पैदा किया और तुम्हें पैदा किया। वही रिज़्क़ देने वाला है, जीवन और मौत का मालिक है, और सारी कायनात का स्वामी है। इसलिए तुम सब उसी की इबादत करो, उसी के आगे सिर झुकाओ, और उसी की बंदगी में किसी को उसका साझी न बनाओ।
हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने साफ़ तौर पर यह बता दिया कि मैं भी तुम्हारी तरह अल्लाह का बंदा हूं। मैं कोई खुदा नहीं हूं, न ही अल्लाह का बेटा हूं। मैं और तुम सब अल्लाह की बंदगी में बराबर हैं। यही तौहीद (एकेश्वरवाद) का पैग़ाम था, जो हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को दिया।
फिर उन्होंने कहा: "यही सीधा रास्ता है।" यानी अल्लाह की इबादत और उसकी बंदगी ही वह सीधा रास्ता है जो इंसान को जन्नत तक पहुंचाता है। इस रास्ते में कोई टेढ़ापन नहीं, कोई गुमराही नहीं। यही वह रास्ता है जिस पर चलकर इंसान अल्लाह की रज़ा और मोहब्बत हासिल करता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में सबसे बड़ी बात तौहीद है — यानी अल्लाह को एक मानना और उसी की इबादत करना। हज़रत ईसा (अलैहिस्सलाम) जैसे महान नबी ने खुद को अल्लाह का बंदा बताया और अपनी क़ौम को अल्लाह की इबादत की दावत दी। यही दावत हर नबी का पैग़ाम रही है। आज हमें भी इसी पैग़ाम को अपनाना है — अल्लाह को एक मानना, उसी की इबादत करना, और अपनी ज़िंदगी को उसके बताए हुए सीधे रास्ते पर चलाना। यही रास्ता हमें सुकून, सफलता और जन्नत तक पहुंचाएगा। अल्लाह हम सबको इस सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 34-38 — मरियम
अनुवाद — मरियम 36
सूरा मरियम आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसमें तो शक ही नहीं कि खुदा (ही) मेरा…सूरा आयत 36/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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